नामीबिया से आए चीतों के भारत में 24 घंटे पूरे, नए माहौल में हो रहे सहज

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March 3, 2026

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नामीबिया से आए चीतों के भारत में 24 घंटे पूरे, नए माहौल में हो रहे सहज

-कूनो नेशनल पार्क में चीतों पर हर पल नजर रखे रहे प्रबंधन अधिकारी

कूनो/मध्यप्रदेश/- कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया से लाए गए चीतों को चौबीस घंटे पूरे हो चुके हैं। पार्क प्रबंधन का कहना है कि रिलीज के बाद नया परिवेश देखकर चीते थोड़ा सहमे लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने यहां एडजस्ट करना शुरू कर दिया है। नामीबिया से लाए गए चीते कूनो नेशनल पार्क में सहज दिखाई दे रहे हैं। कूनो प्रबंधन ने कहा है कि सब कुछ सामान्य है। चीतों ने गोश्त भी खाया और भरपूर नींद ली है। बाड़े में आराम से घूमते दिखाई दे रहे है.चीतों के वाइटल पैरामीटर भी सामान्य हैं। उन पर हर पल हमारी नजर हैं। पहले दिन अपने आप को नए परिवेश में देख कर चीते थोड़े से नर्वस हुए। लेकिन उनका व्यवहार सामान्य और सकारात्मक दिख रहा है।

जानकारी के लिए बता दें कि बीते शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन के मौके पर देशवासियों को चीतों का गिफ्ट दिया था। देश की धरती पर 74 साल बाद एकबार फिर चीते नजर आ रहे हैं। साल 1952 में देश में चीतों को विलुप्त घोषित कर दिया गया था लेकिन अब फिर से देश की धरती पर चीते फर्राटा भरते नजर आ रहे हैं।

इन चीतों की रखवाली के लिए 90 गांव के 450 से ज्यादा लोगों को ’चीता मित्र’ बनाया गया है। इनका काम शिकारियों से चीतों को बचाने की होगी। पीएम मोदी ने इन चीता मित्रों से मुलाकात के दौरान कहा था, ’’बताया गया होगा कि थोड़े दिनों तक चीता देखने के लिए आना नहीं है, उसे सेटल होने देना है, फिर वो बड़ी जगह पर जाएगा। वहां कुछ दिन सेटल होने देना है। सबसे बड़ी समस्या नेता लोग करेंगे, सब नेता लोग आ जाएंगे, नेताओं के रिश्तेदार आ जाएंगे, ये टीवी कैमरे वाले आ जाएंगे, वो होता है ना सबसे पहले ब्रेकिंग न्यूज वाले, वो आप पर दबाव डालेंगे, अफसरों पर दबाव डालेंगे।’’

कूनो नेशनल पार्क का बफर जोन 1235 वर्ग किलोमीटर है। पार्क के बीच में कूनो नदी बहती है। कम ढाल वाली पहाड़ियां हैं। दक्षिण-पूर्वी इलाके में पन्ना टाइगर रिजर्व और शिवपुरी के जंगल हैं। इस इलाके के पास ही चंबल नदी बहती हैं यानी चीतों के पास कुल मिलाकर 6800 वर्ग किलोमीटर का इलाका रहेगा। फिलहाल इन चीतों को 12 किमी के क्षेत्र में तैयार किए गए बाड़े में रखा गया है। जब सभी मादा और नर चीता आपस में घुल मिल जाएंगे तब उन्हें बाड़े से बाहर छोड़ा जाएगा। चीते झुंड में रहना पसंद करते हैं। चीतों के लिहाज से तापमान सही और पर्याप्त भोजनकूनो नेशनल पार्क का अधिकतम औसत तापमान 42.3 डिग्री सेल्सियस रहता है। सबसे कम तापमान 6 से 7 डिग्री सेल्सियस रहता है. इलाके में सालभर में 760 मिलिमीटर बारिश होती है जो चीतों के लिए ठीक है।

कूनो नेशनल पार्क में चीतों के लिए भोजन के लिए बहुत कुछ है. जैसे- चीतल, सांभर, नीलगाय, जंगली सुअर, चिंकारा, चौसिंघा, ब्लैक बक, ग्रे लंगूर, लाल मुंह वाले बंदर, शाही, भालू, सियार, लकड़बग्घे, ग्रे भेड़िये, गोल्डेन सियार, बिल्लियां, मंगूज जैसे कई जीव है।

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