तमिलनाडू के मंदिरों में बढ़ रहा नेताओं का हस्तक्षेप, मदुरै मठ के संत ने की जांच की मांग

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February 14, 2026

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तमिलनाडू के मंदिरों में बढ़ रहा नेताओं का हस्तक्षेप, मदुरै मठ के संत ने की जांच की मांग

-कहा- नेताओं का मंदिरों में क्या काम, रिटायर्ड जजों को सौंपे जाये मंदिर

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/मदुरै/शिव कुमार यादव/- तमिलनाडू में मंदिरों व मठों पर सत्ता व विपक्ष के नेताओं को प्रमुख बनाने का संतों ने कड़ा विरोध जताया है। उनका कहना है कि राज्य के मंदिरों व मठों में नेताओं का हस्तक्षेप दिनो-दिन बढ़ रहा है जो ठीक नही है। तमिल शैव मठ के प्रमुख स्वामी श्री हरिहर श्री ज्ञानसंबंदा देसिका ने तमिलनाडु के हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्त विभाग पर जमकर गुस्सा उतारा। उन्होंने इस विभाग को भंग करने की मांग की। उन्होंने सवाल किया मंदिरों में राजनेताओं का क्या काम है? उन्होंने मंदिरों को रिटायर्ड जजों को सौंपने की मांग की।

विश्व प्रसिद्ध मीनाक्षी मंदिर के समीप स्थित तमिल शैव मठ मदुरै अधीनम के प्रमुख स्वामी देसिका ने तमिलनाडु के हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्त (एचआर एंड सीई) विभाग पर जमकर गुस्सा उतारा। उन्होंने इस विभाग को भंग करने की मांग की। स्वामी ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि मंदिरों व मठों की गादी पर सत्ता पक्ष व विपक्ष के नेताओं ने कब्जा कर लिया है।
              स्वामी देसिका ने कहा कि कोषालय के अधिकारियों को पता हीं नहीं है कि मंदिरों में क्या चल रहा है? इन मंदिरों को सेवानिवृत्त न्यायाधीशों या गांव के बुजुर्गों को सौंप देना चाहिए। राज्य में मंदिरों की संपत्तियां नष्ट हो रही हैं। तमिलनाडु की संस्कृति इन मंदिरों से जुड़ी है।

इसके साथ ही महंत हरिहर ने लोगों से अपील की है कि वह फिल्म अभिनेता विजय की फिल्म को ना देखें। उन्होंने ऐसी फिल्म में एक्टिंग की है जिसमे हिंदू धर्म की भावनाओं का अपमान किया गया है। बता दें कि पिछले महीने तमिलनाडु की सरकार ने पट्टिना प्रवेशम शोभा यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसके बाद मठ के महंत श्री हरिहर और प्रदेश सरकार के बीच तनातनी चल रही है। गौर करने वाली बात है कि इस शोभायात्रा में मदुरैमठ के महंत को पालकी पर बैठाकर शोभा यात्रा को निकाला जाता है, लेकिन पिछले महीने के अंत में प्रदेश सरकार ने इसपर पाबंदी लगा दी थी।

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