द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- एनएएलएसए और डीएसएलएसए के तत्वावधान में डीएलएसए दक्षिण-पश्चिम ने द्वारका जिला न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया। इस अवसर पर 37 लोक अदालत बेंचों के माध्यम से 19,108 मामलों को आपसी सहमति के आधार पर सुलझाया गया। लोक अदालत में करीब 203,948,345/- करोड़ रूपये के जुर्माने का निपटान किया गया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन दक्षिण पश्चिम डीएलएसए प्रवीण कुमार, एलडी. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश और अध्यक्ष, दक्षिण पश्चिम डीएलएसए के मार्गदर्शन में किया गया।

बता दें कि गरीबों और वंचित लोगों को न्याय दिलाने के लिए और अदालतों में या पूर्व-मुकदमेबाजी चरण में लंबित मामलों को सौहार्दपूर्ण समझौते के माध्यम से निपटाने के लिए, एनएएलएसए और डीएसएलएसए समय-समय पर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन करते रहे है। इस संबंध में जानकारी देते हुए डॉ. ओमपाल शौकीन, एलडी. दक्षिण पश्चिम डीएलएसए के सचिव ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत विवादों/मामलों को अंतिम रूप देने और विवादित पक्षों की संतुष्टि के साथ निर्णय लेने का एक महत्वपूर्ण साधन बन गया है। हाल के दिनों में, राष्ट्रीय लोक अदालत ने ऐसे सभी मामलों को सिस्टम से हटाने के लिए न्यायपालिका के पास एक शक्तिशाली हथियार के रूप में काम किया है, जिन पर वास्तव में न्यायालय के ध्यान और समय की आवश्यकता नहीं है। उन्होने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में धारा 138 एन.आई. के प्रकरणों का निस्तारण किया गया। लोक अदालत में अधिनियम, आपराधिक समझौता योग्य मामले, सिविल मामले, बैंक वसूली मामले, श्रम विवाद के तहत मामले और समझौता योग्य यातायात चालान के मामले उठाए गए।

डॉ शौकीन ने कहा कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत से उन वादियों को अत्यधिक लाभ हुआ जो अपने मामलों को सस्ते और तेजी से सौहार्दपूर्ण तरीके से निपटाने में रुचि रखते थे और उन वादियों को भी जो अपने शमनीय ट्रैफिक चालान के निपटान का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, जो वर्चुअल और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस पोर्टल पर लंबित थे। इस अदालत में 30 नवंबर, 2023 तक की अवधि के मामलों को शामिल किया गया।

ट्रैफिक अदालतों में भीड़भाड़ से बचने के लिए, वादियों को दिल्ली ट्रैफिक पुलिस पोर्टल की वेबसाइट पर दिए गए समर्पित वेबलिंक से अपनी चालान पर्चियों को डाउनलोड करने और प्रिंटआउट लेने की आवश्यकता थी और वादियों को अपना कोर्ट परिसर, कोर्ट नंबर चुनने की सुविधा प्रदान की गई थी। साथ ही उनकी चालान पर्चियां बनाने के दौरान टाइम स्लॉट भी उपलब्ध कराया गया।

डॉ. ओमपाल शौकीन, एलडी. दक्षिण पश्चिम डीएलएसए के सचिव ने व्यक्तिगत रूप से वादियों से बातचीत करके उन्हें लोक अदालत के फायदे बताए और मामलों और ट्रैफिक चालान के निपटान के दौरान सुचारू और निर्बाध प्रक्रिया सुनिश्चित की।
उन्होने बताया कि द्वारका कोर्ट परिसर में, 37 लोक अदालत बेंचों का गठन किया गया, जिसमें कुल 19,108 मामले, जिनमें प्री-लिटिगेटिव और लंबित मामले शामिल थे, का निपटारा किया गया और समझौता/जुर्माना राशि लगभग रु.203,948,345/- थी।


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