जीएसटी से बढ़ेगा आम आदमी पर मंहगाई का बोझ

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जीएसटी से बढ़ेगा आम आदमी पर मंहगाई का बोझ

-सरकार ने डेयरी प्रोडक्ट को किया जीएसटी के दायरे में शामिल

नई दिल्ली/- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में कई प्रोडक्टस को पहली बार जीएसटी के दायरे में शामिल किया गया है। सरकार के इस कदम से जहां कुछ चीजें सस्ती होंगी वहीं रोजमर्रा की जरूरत की चीजों को जीएसटी में शामिल करने से आम आदमी पर मंहगाई का बोझ बढ़ने जा रहा है।
            आम लोगों को आज (18 जुलाई) से मंहगाई और सताएगी। आज से जरूरत की तमाम वस्तुओं के दाम बढ़ जाएंगे। रोजमर्रा की वस्तुएं जैसे दही, लस्सी, चावल, पनीर और अन्य की कीमतें सोमवार से बढ़ सकती हैं। सरकार ने इन वस्तुओं पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में बढ़ोतरी कर दी है। साथ ही अस्पतालों में इलाज व होटलों में रहने के लिए भी अब लोगों को अधिक पैसे चुकाने पड़ेंगे।
             प्री-पैक फूड आइटम जैसे दूध के पैक प्रोडक्ट- दही, लस्सी, पनीर और छाछ कीमतें बढ़ जाएंगी। मछली और मिंट के रेट में भी इजाफा होगा। सरकार इन प्रोडक्टस पर 5 फीसदी की दर से जीएसटी वसूलेगी। पहले ये वस्तुएं जीएसटी के दायरे से बाहर थीं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में इन प्रोडक्टस को पहली बार जीएसटी के दायरे में शामिल किया गया। जीएसटी काउंसिल ने टेट्रा पैक वाले दही, लस्सी और बटर मिल्क पर 5 फीसदी जीएसटी लगाने का फैसला किया था।

 अस्पतालों में इलाज के लिए अब लोगों को अधिक पैसे खर्च करने होंगे। आईसीयू के बाहर अस्पतालों के ऐसे कमरे, जिनका एक दिन का किराया मरीज के लिए 5000 रुपये से अधिक है, आज से सरकार यहां भी 5 फीसदी की दर से जीएसटी वसूलेगी। पहले अस्पतालों के ऐसे कमरों पर जीएसटी की दरें नहीं लागू थीं। वहीं 1000 रुपये किराया वाले होटल के कमरे पर भी आपको जीएसटी चुकाना पड़ेगा। अभी तक 1000 रुपये तक के कमरे जीएसटी के दायरे से बाहर थे। इन पर अब 12 फीसदी की दर से जीएसटी लगेगा। बैंकों में भी आपकी जेब का बोझ बढ़ेगा, क्योंकि चेक बुक जारी किए जाने पर बैंकों की तरफ से ली जाने वाली फीस पर अब 18 फीसदी जीएसटी वसूली जाएगी।  

सोलर वॉटर हीटर- जिस हीटर पर पहले जीएसटी की दरें 5 फीसदी थीं, अब वो दरें बढ़कर 12 फीसदी हो गई हैं। इसके अलावा एलईडी लाइट्स और लैंप की कीमतें भी बढ़ सकती हैं, क्योंकि सरकार ने इसपर जीएसटी को 12 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी कर दिया है। स्टेशनरी के सामान को भी 18 फीसदी वाले टैक्स ब्रैकेट में रखा गया है। ब्लेड, पेपर कैंची, पेंसिल शार्पनर, चम्मच, कांटे वाले चम्मच, स्किमर्स और केक-सर्वर्स आदि पर सरकार ने जीएसटीको बढ़ा दिया है। पहले इनपर 12 फीसदी जीएसटी लगता था।

इन वस्तुओं पर कम हुईं जीएसटी दरें-
जीएसटी काउंसिल ने रोपवे के जरिए यात्रियों और सामानों को लेकर आने-जाने पर जीएसटी दर 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया है। इसके अलावा स्प्लिंट्स और अन्य फ्रैक्चर उपकरण, शरीर के कृत्रिम अंग, बॉडी इंप्लाट्स, इंट्रा ओक्यूलर लेंस आदि पर भी जीएसटी की दरें कम हुई हैं। 18 जुलाई से इनपर 5 फीसदी जीएसटी लगेगा। पहले ये वस्तुएं 12 फीसदी वाले स्लैब में शामिल थीं।
              डिफेंस फोर्सेज के लिए इंपोर्ट की जाने वाली कुछ खास वस्तुओं पर जीएसटी 18 जुलाई से नहीं लगेगा। सरकार ने उन ऑपरेटर्स के लिए माल ढुलाई के किराए पर लगने वाले जीएसटी को 18 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी कर दिया है, जहां फ्यूल की लागत को जोड़ा जाता है।

लोगों की जब पर बढ़ेगा बोझ
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जून के आखिर में जीएसटी काउंसिल की 47वीं बैठक हुई थीं बैठक मे जीएसटी काउंसिल ने कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों पर जीएसटी लगाने का फैसला किया, जिन्हें इस टैक्स स्लैब से बाहर रखा गया था। सरकार के इस फैसले के बाद राजधानी दिल्ली समेत पूरे देश में जरूरत की तमाम वस्तुओं की कीमतों में इजाफा हो जाएगा। इससे आम लोगों की जेब पर बोझ बढ़ेगा। देश में पहले ही बच्चों को दूध काफी कम मात्रा में मिलता था अब सरकार द्वारा दूध व दूध से बनी दूसरी चींजों पर जीएसटी लगाने से परिजनों को बच्चों के लिए दूध उपलब्ध कराना मुश्किल हो जाएगा।  

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