नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/मानसी शर्मा – गुजरात कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल, जिन्होंने हाल ही में राज्य पार्टी नेतृत्व से नाराज़ी ज़ाहिर करते हुए बुधवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया।
ट्विटर पर एक पोस्ट साझा की और कहा कि आज मैं हिम्मत करके कांग्रेस पार्टी के पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूँ। मुझे विश्वास है कि मेरे इस निर्णय का स्वागत मेरा हर साथी और गुजरात की जनता करेगी। मैं मानता हूं कि मेरे इस कदम के बाद मैं भविष्य में गुजरात के लिए सच में सकारात्मक रूप से कार्य कर पाऊँगा।
सूत्रों ने बताया था कि इससे पहले, कांग्रेस नेता राहुल गांधी राज्य विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी यूनिट में इख़्तिलाफ़ों को सुलझाने के लिए नाराज़ गुजरात कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल के पास पहुंचे थे।
पार्टी सूत्रों ने दावा किया था कि राहुल गांधी ने खुद हार्दिक पटेल को संदेश भेजकर पार्टी में बने रहने को कहा था। उन्होंने पार्टी प्रभारी और अन्य नेताओं से इख्तिलाफ़ को सुलझाने के लिए पटेल से बात करने को कहा।

आर्टिकल 270 को रद्द करने और राम मंदिर के निर्माण के लिए भाजपा सरकार की सराहना करने के बाद पटेल के भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज हो गईं। हालांकि, उन्होंने एक सफाई देते हुए कहा था कि वह पार्टी नेताओं राहुल गांधी या प्रियंका गांधी से नाराज़ नहीं हैं लेकिन वह राज्य के नेतृत्व से परेशान हैं। पाटीदार आरक्षण आंदोलन का नेतृत्व कर जुलाई 2015 में लोकप्रियता हासिल करने वाले पटेल लंबे समय से पार्टी नेतृत्व से खफ़ा हैं।
सूत्रों ने बताया कि वह प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बनना चाहते हैं लेकिन उन्हें केवल कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया। कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नियुक्त होने के बावजूद राज्य के नेतृत्व द्वारा प्रमुख निर्णयों पर उनकी राय नहीं ली जाती है।
ऐसी भी अटकलें हैं कि पटेल आम आदमी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। गुजरात विधानसभा चुनाव इसी साल होने हैं।


More Stories
24 घंटे में मॉरिस नगर पुलिस की बड़ी कामयाबी, स्नैचिंग केस का खुलासा
नए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत के साथ बदले क्रेडिट कार्ड के नियम
मुफ्त योजनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सरकारों से पूछा बड़ा सवाल
PM मोदी बोले – AI है भारत के भविष्य की चाबी, दुनिया में लीड करेगा देश
दिल्ली मेट्रो का अहम स्टेशन बंद, सुप्रीम कोर्ट पर रोक से यात्रियों की बढ़ी परेशानी
भारत में AI क्रांति: डेटा सेंटर, AI चिप्स व अरबों डॉलर के निवेश की लाइनों में दौड़!