नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- उत्तर दिल्ली के गांधी विहार इलाके में मिली 32 वर्षीय यूपीएससी अभ्यर्थी की जली हुई लाश के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। शुरुआती जांच में यह मामला एक हादसा प्रतीत हो रहा था, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पुलिस के हाथ ऐसे सबूत लगे जिन्होंने पूरी कहानी बदल दी।
हादसे से हत्या तक पहुँची जांच
शुरुआत में शव की हालत देखकर पुलिस को यह लगा कि शायद यह किसी सिलेंडर विस्फोट या हादसे में हुई मौत है। लेकिन फॉरेंसिक जांच और मोबाइल कॉल डिटेल्स से पता चला कि यह कोई साधारण घटना नहीं, बल्कि सोची-समझी साज़िश थी।
पूर्व प्रेमी और उसकी साथी ने रची चाल
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतका अमृता के पूर्व प्रेमी ने अपनी नई साथी के साथ मिलकर इस वारदात की साजिश रची थी। दोनों ने पहले पीड़िता को झांसे में लेकर बुलाया और फिर हत्या की योजना को अंजाम दिया। सबूत मिटाने के लिए शव को जलाया गया ताकि पहचान छिपाई जा सके।
पुलिस की सूझबूझ से खुला राज़
टीम ने तकनीकी सर्विलांस, कॉल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई। कई दिनों की मेहनत के बाद पुलिस ने आखिरकार दोनों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल दोनों से पूछताछ जारी है ताकि वारदात के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस केस ने दिखा दिया है कि अपराध चाहे कितना भी चालाकी से क्यों न किया गया हो, सच एक न एक दिन सामने आ ही जाता है।


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