नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक कोचिंग सेंटर में हुए हादसे के लिए सरकारी सिस्टम को जिम्मेदार ठहराया है। कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि एमसीडी (म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन ऑफ दिल्ली) के अधिकारी नाली की स्थिति की जानकारी नहीं दे पाए और कार्यालयों से बाहर नहीं निकलते हैं।

दिल्ली के एक कोचिंग सेंटर में हुए हादसे ने गंभीर सुरक्षा खामियों को उजागर किया। हादसे में कई छात्रों की जान चली गई और कई लोग घायल हुए। कोर्ट ने इस घटना की सुनवाई के दौरान सरकारी विभागों की लापरवाही पर गहरी चिंता जताई।
सरकारी सिस्टम की जिम्मेदारी
हाईकोर्ट ने कहा कि सरकारी सिस्टम की निष्क्रियता और अनदेखी ने इस हादसे को जन्म दिया। एमसीडी के अधिकारियों पर आरोप लगाया गया कि वे अपनी जिम्मेदारियों का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर रहे हैं। खासकर, नाली की स्थिति और साफ-सफाई के मुद्दे पर अधिकारियों ने कोई ठोस जानकारी नहीं दी, जिससे यह साबित होता है कि वे अपने कार्यालयों में बंद हैं और वास्तविक समस्याओं का समाधान करने में विफल हैं।
अधिकारियों की आलोचना
कोर्ट ने एमसीडी अधिकारियों की कार्यशैली की कड़ी आलोचना की। कहा गया कि ये अधिकारी एसी ऑफिस से बाहर ही नहीं निकलते और स्थानीय समस्याओं को समझने और हल करने में असमर्थ हैं। इस लापरवाही के कारण स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य खतरे में हैं।
भविष्य की कार्रवाइयाँ
हाईकोर्ट ने सरकारी अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे तुरंत स्थिति का मूल्यांकन करें और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाएं। इसके अलावा, कोर्ट ने एक कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


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