नई दिल्ली/- दिल्ली ग्राम पंचायत संघ ने अपनी 18 मांगों के संबंध में प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री, केंद्रीय शहरी विकास मंत्री, उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मुख्य सचिव व डीडीए के उपाध्यक्ष को ज्ञापन भेजा है। साथ ही दिल्ली के ग्रामवासियों ने 18 मांगों को पूरा कराने के लिए राजनीतिक दलों की मदद लेने के साथ-साथ गांवों के मौजूदा और पूर्व जनप्रतिनिधियों का समर्थन लेने पर भी सहमति जताई है।
पंचायत के प्रमुख थानसिंह यादव, 360 गांव खाप के सुरेश शौकीन, पंच प्रमुख सुनील शर्मा व शिव कुमार यादव ने बताया कि नांगलोई में पूर्व मंत्री देवेंद्र शौकीन वह अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ बैठक की और तय किया कि गांवों की समस्याओं का समाधान राजनीतिक दलों पर दबाव बनाए बिना होना संभव नहीं है। लिहाजा राजनीतिक दलों के नेताओं से संपर्क साधा जाए। इसके अलावा ग्रामीण इलाके के सांसदोए विधायकों, पूर्व सांसदों, पूर्व विधायकों, पूर्व पार्षदों को अपने साथ जोड़ें।
उन्होने कहा कि अगर ज्ञापन पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो नवम्बर माह से आंदोलन शुरू किया जाएगा। आंदोलन के पहले चरण में गांवों में रथ यात्रा करके ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा और फिर कर्तव्य पथ तक मार्च निकाला जाएगा और मांगे पूरी नहीं होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। पंचायत ने इससे पहले गांधी जयंती के दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री चौ. ब्रहम प्रकाश के पैतृक गांव शकूरपुर में बैठक कर 18 सूत्री मांगों को तैयार किया था।
वहीं चिल्ला खादर के किसानों ने अपनी मांगों को लेकर एसडीएम मयूर विहार को ज्ञापन सौंपा और कहा कि चिल्ला खादर में किसान ठेके पर जमीन लेकर सब्जियां उगाते हैं। बेमौसम बारिश, भीषण बाढ़ के कारण लगभग 1000 काश्तकार किसानों के परिवारों की सब्जी की फसलें खराब हो गई हैं जिससे 1200 परिवारों के घर बर्बाद हो गए हैं। किसानों ने प्रत्येक घर के लिए 25 हजार रूपए मुआवजा देने की मांग रखी।


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