नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- बीती रात्रि 9 बजे “किताबों की दुनिया” में प्रसिद्ध लेखिका सुशी सक्सेना की पुस्तकों पर केंद्रित एक विशेष साहित्यिक कार्यक्रम का सफलता पूर्वक आयोजन हुआ। यह कार्यक्रम श्रीराम सेवा साहित्य संस्थान भारत के मंच पर संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में लेखिका सुशी सक्सेना और संस्थान की संस्थापिका दिव्यांजली वर्मा मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। इस अवसर पर साहित्य, कला और संस्कृति जगत से जुड़े कई प्रतिष्ठित लेखक, विद्वान और पाठक भी शामिल हुए।

सुशी सक्सेना की रचनाओं पर गहन चर्चा
कार्यक्रम के दौरान सुशी सक्सेना की पुस्तकों पर विस्तृत चर्चा की गई, जो साहित्य, विज्ञान और राजनीति जैसे विविध विषयों पर आधारित हैं। उनकी रचनाओं में नारी जीवन, सामाजिक यथार्थ, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और मानवीय संवेदनाओं के गहरे आयाम देखने को मिलते हैं।
लेखिका की लेखनी की विशेषता उनकी सरल भाषा और गहन विचारधारा है, जो हर वर्ग के पाठक से सीधा संवाद स्थापित करती है। कार्यक्रम के दौरान सुशी सक्सेना ने अपनी कुछ लोकप्रिय पुस्तकों से अंश पढ़े और कविताओं का वाचन किया, जिसे उपस्थित दर्शकों ने खूब सराहा।
साहित्य प्रेमियों की उत्साही भागीदारी
श्रोताओं ने लेखिका की रचनाओं पर अपने विचार और प्रतिक्रियाएँ साझा कीं। कई पाठकों ने बताया कि सुशी सक्सेना की लेखनी में जीवन की सच्चाई और संवेदनाओं का अनूठा मेल है, जो उनके साहित्य को विशिष्ट बनाता है।
समापन और सम्मान
कार्यक्रम के अंत में संस्थापिका दिव्यांजली वर्मा ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने सुशी सक्सेना की साहित्यिक यात्रा की प्रशंसा करते हुए ऐसे आयोजनों की निरंतरता की कामना की।
इस आयोजन ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि सुशी सक्सेना का साहित्य पाठकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ता है और हिंदी साहित्य की दुनिया में उनका योगदान अमूल्य है।


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