“कानपुर गैंगस्टर केस: इरफान-सोलंकी को हाईकोर्ट से जमानत, विजयदशमी तक रिहाई का रास्ता साफ”                                                                     

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

February 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728  
February 15, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

“कानपुर गैंगस्टर केस: इरफान-सोलंकी को हाईकोर्ट से जमानत, विजयदशमी तक रिहाई का रास्ता साफ”                                                                     

कानपुर/उमा सक्सेना/-  कानपुर में गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में पूर्व सपा विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी सहित तीन आरोपियों की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने मंजूर कर दी है। दोनों 2 दिसंबर 2022 को पुलिस कमिश्नर के बंगले पर आत्मसमर्पण कर जेल गए थे और तब से ही जेल में बंद थे। उनके खिलाफ दर्जनभर से अधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से अधिकांश में उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है। अब गैंगस्टर एक्ट के मामले में भी जमानत मिलने से दो साल नौ महीने बाद दोनों की जेल से रिहाई संभव हो सकेगी।

जाजमऊ आगजनी और गैंगस्टर एक्ट के मामले
इरफान और उनके भाई रिजवान के खिलाफ सबसे प्रमुख मामला 7 नवंबर 2022 को जाजमऊ डिफेंस कॉलोनी में नजीर फातिमा के घर आग लगाने का है। इसके बाद कई अन्य मुकदमे भी दर्ज हुए। जाजमऊ थाने में उनके और अन्य आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई। सातों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेजी जा चुकी है। इरफान सोलंकी महाराजगंज जेल में, जबकि रिजवान और इसराइल आटे वाला कानपुर जेल में बंद हैं। अन्य चार आरोपी हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद पहले ही रिहा हो चुके हैं। 17 सितंबर को एमपीएमएलए सेशन कोर्ट में सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए गए थे।

आरोप और आपराधिक इतिहास
इरफान सोलंकी के खिलाफ आरोप है कि वह अंतरजनपदीय स्तर के संगठित गिरोह का हिस्सा है, जो मारपीट, आगजनी, रंगदारी वसूलना, धोखाधड़ी और जमीन कब्जाने जैसे अपराध कर आर्थिक लाभ कमाता है। उनके खिलाफ 2022 में दर्ज मुकदमों की संख्या दस से अधिक थी, जिनमें से आठ जाजमऊ आगजनी के मामले में एक माह के भीतर दर्ज हुए। इसके अलावा उनके खिलाफ अलग-अलग थानों में 2008 से 2022 तक दर्ज कई अन्य मामले भी शामिल हैं, जिनमें फर्जी आधार कार्ड से हवाई यात्रा, गुंडा टैक्स की मांग, जमीन कब्जाने और बलवा जैसी घटनाएँ शामिल हैं।

हाईकोर्ट में जमानत प्रक्रिया
हाईकोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अभियोजन ने तर्क दिया कि आरोपी सेशन कोर्ट में मुकदमे लंबित रख रहे हैं और जमानत मिलने पर और अधिक प्रार्थना पत्र देकर मुकदमे को लंबित रख सकते हैं। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने जमानत याचिका स्वीकार कर ली और अब गैंगस्टर कोर्ट में जमानत दाखिल करनी होगी। सत्यापन के बाद रिहाई का परवाना जारी किया जाएगा। यदि यह प्रक्रिया विजयदशमी तक पूरी नहीं होती है, तो रिहाई छुट्टियों के बाद ही संभव होगी।

पिछली सजा और हाईकोर्ट की मंजूरी
एमपीएमएलए सेशन कोर्ट ने 7 जून 2024 को इरफान, रिजवान, शौकत अली, मो. शरीफ और इसराइल आटेवाला को आगजनी मामले में दोषी ठहराया और 7-7 साल की सजा सुनाई। सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की गई, और 14 नवंबर 2024 को हाईकोर्ट ने अपील सुनवाई पूरी होने तक जमानत मंजूर कर दी। इसके अलावा अन्य मामलों में भी इरफान और रिजवान को पहले ही जमानत मिल चुकी है।

राजनीति और संदर्भ
इरफान सोलंकी की जेल में बंदी के दौरान सपा मुखिया अखिलेश यादव ने उनसे मुलाकात की थी। उनके राजनीतिक प्रभाव और संगठित गिरोह से जुड़ी घटनाओं ने मामले को और चर्चित बना दिया है। इरफान और रिजवान की रिहाई से राजनीतिक और कानूनी नजरिए से न्याय की जीत का दावा किया जा रहा है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox