कश्मीर पर पलटा तालिबान, कहा-कश्मीर पर देगा दखल, भारत की चिंता बढ़ी

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
March 14, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

कश्मीर पर पलटा तालिबान, कहा-कश्मीर पर देगा दखल, भारत की चिंता बढ़ी

-प्रवक्ता ने कहा कश्मीर क्या, भारत समेत किसी भी देश में मुस्लिमों के लिए आवाज उटाने का हमे हक

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/काबुल/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- तालिबान ने अफनागिस्तान में अपनी सरकार के ऐलान से पहले रंग दिखाना शुरू कर दिया है। भारत के साथ अच्छे रिश्ते रखने की बात करने वाले तालिबान के प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने गुरुवार शाम एक इंटरव्यू में कहा है कि तालिबान को कश्मीर समेत पूरी दुनिया के मुसलमानों की आवाज उठाने का हक है। शाहीन ने कहा कि मुस्लिम हमारे अपने लोग हैं, हमारे नागरिक हैं और कानून के तहत उन्हें बराबरी का अधिकार है। तालिबानी प्रवक्ता के इस बयान ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि भारत तालिबान के पहले के बयानों के आधार पर तालिबान से बात करने का मन बना चुका था लेकिन अब भारत फिर से इस पर विचार कर रहा है।
                      बीबीसी के साथ ज़ूम पर एक वीडियो इंटरव्यू में सुहैल शाहीन ने अमेरिका के साथ हुए दोहा समझौते की बात करते हुए कहा कि किसी भी देश के खि़लाफ़ सशस्त्र अभियान चलाना उनकी नीति का हिस्सा नहीं है। दोहा से बात करते हुए शाहीन ने कहा, “एक मुसलमान के तौर पर, भारत के कश्मीर में या किसी और देश में मुस्लिमों के लिए आवाज़ उठाने का अधिकार हमारे पास है। हम आवाज़ उठाएँगे और कहेंगे कि मुसलमान आपके लोग है, अपने देश के नागरिक हैं। आपके क़ानून के मुताबिक वो समान हैं।
पहले तालिबान ने कहा था- कश्मीर द्विपक्षीय मामला
शाहीन से पहले तालिबानी नेताओं ने कहा था कि कश्मीर द्विपक्षीय और अंदरूनी मामला है। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागजी ने कहा था कि भारत का लक्ष्य ये निश्चित करना है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी भी तरह की आतंकी गतिविधि के लिए न हो।
अल-कायदा ने कहा- कश्मीर को इस्लाम के दुश्मनों से आजाद कराओ
आतंकी संगठन अल-कायदा ने अफगानिस्तान में जीत के लिए तालिबान को बधाई दी थी। अल-कायदा ने इस बधाई संदेश में इस्लाम के दुश्मनों से कश्मीर और दूसरी इस्लामी जमीनों की आजादी की बात कही थी। अल-कायदा ने फिलीस्तीन, लेवेंट, सोमालिया और यमन जैसे क्षेत्रों की आजादी की अपील की थी।
अफगानिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री बोले- अफगानी नहीं चाहते कि कश्मीर मुद्दा यहां आए
अफगानिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और हिज्ब-ए-इस्लामी गुलबुद्दीन (भ्प्ळ) पार्टी के नेता गुलबुद्दीन हिकमतयार भी तालिबान से चर्चा कर रहे हैं। हिकमतयार ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा है कि तालिबान को अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी और देश के खिलाफ नहीं होने देने के वादे पर टिकना चाहिए। हिकमतयार के मुताबिक अफगानिस्तान के लोग नहीं चाहते कि कश्मीर विवाद, भारत-चीन सीमा विवाद और तिब्बत जैसे मुद्दे अफगानिस्तान पहुंचें।
                    भारत कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रहा है, आलोचकों का कहना है। साल 2014 के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में मुस्लिमों के ख़लिफ़ नफ़रत बढ़ी है, हालाँकि बीजेपी इन आरोपों से इनकार करती रही है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox