नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- वॉशिंगटन-बांग्लादेश के विदेश नीति के मामले में चीन के टांग अड़ाने की नीति का अमेरिका ने खुलकर जवाब दिया है। अमेरिका के विदेश विभाग की ओर से चीन के इस कदम का संज्ञान लिया गया है। अमेरिका के विदेश विभाग के प्रवक्ता ने एक प्रेस कांफ्रेंस में इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अमेरिका और बांग्लादेश के संबंध मजबूत हैं। उन्होंने कहा है, हमने चीनी राजनयिक के बांग्लादेश को चेतावनी देने वाले बयान का संज्ञान लिया है। हम बांग्लादेश की संप्रभुता का सम्मान करते हैं और बांग्लादेश के अपनी विदेश नीति से जुड़े हुए फैसले लेने के अधिकार का भी सम्मान करते हैं। विदेश विभाग के प्रवक्ता की ओर से दिया गया ये बयान चीन की हरकत पर खुला जवाब है।
यहां बता दें कि अमेरिका नित क्वॉड क्लब में शामिल होने को लेकर चीन ने बांग्लादेश को आगाह करते हुए कहा था कि ढाका के इस बीजिंग विरोधी क्लब का हिस्सा बनने पर द्विपक्षीय संबंधों को भारी नुकसान होगा। चीन के रक्षा मंत्री जनरल वेई फेंग की यात्रा के बाद बांग्लादेश में चीन के राजदूत ली जिमिंग ने यह चेतावनी दी थी। डिप्लोमेटिक कॉरेस्पोंडेंट एसोसिएशन, बांग्लादेश द्वारा सोमवार को आयोजित डिजिटल बैठक में ली ने कहा था, बांग्लादेश के लिए चार देशों के इस छोटे से क्लब में शामिल होना निश्चित रूप से सही विचार नहीं होगा क्योंकि इससे द्विपक्षीय संबंधों को भारी नुकसान पहुंचेगा।
यहां यह भी बता दें कि चीन की विदेश नीति का अहम हिस्सा है- भारत के पड़ोसी देशों को उससे अलग रखना और उन्हें अपने हितों के लिए इस्तेमाल करना। इसी नीति के तहत उसने एक बार फिर बांग्लादेश को भारत समेत कुछ अन्य देशों के साथ क्वाॅड क्लब में शामिल होने से न सिर्फ मना किया बल्कि चेतावनी भी दी है। अब इस चेतावनी का संज्ञान अमेरिका ने लिया है और चीन को कड़ा जवाब दिया है।
चीन की इस चेतावनी पर बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. एके अब्दुल मोमन ने मंगलवार को कहा था कि ढाका गुटनिरपेक्ष और संतुलित विदेश नीति बनाए रखने में यकीन रखता है और इन सिद्धांतों के आधार पर ही तय होगा कि हमारे देश को आगे क्या करना है। उन्होंने कहा, एक स्वतंत्र और संप्रभु राज्य होने के नाते हम अपनी विदेश नीति तय करते हैं लेकिन, कोई भी देश अपनी राय रख सकता है, थोप नही सकता।
यहां बता दें कि क्वॉड का गठन साल 2007 में किया गया था. इसका पूरा नाम क्वाड्रीलेटरल सिक्योरिटी डायलॉग है, जो जापान, ऑस्ट्रेलिया, भारत और अमेरिका के बीच एक बहुपक्षीय समझौता है। मूल तौर पर ये इंडो-पैसिफिक स्तर पर काम कर रहा है, ताकि समुद्री रास्तों से व्यापार आसान हो सके, लेकिन अब ये व्यापार के साथ-साथ सैनिक बेड़े को मजबूती देने पर ज्यादा ध्यान दे रहा है, जिससे कि शक्ति संतुलन बनाए रखा जा सके।


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