यूपी के कदावर नेता ने थामा भाजपा का दामन, कांग्रेस को लगा बड़ा झटका

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यूपी के कदावर नेता ने थामा भाजपा का दामन, कांग्रेस को लगा बड़ा झटका

-सीएम योगी और सिंधिया ने किया स्वागत, कांग्रेस ने कहा धन्यवाद -जितिन प्रसाद के बाद अब सचिन पायलट को संभालना भी कांग्रेस के लिए बना चुनौती

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/यूपी/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- उत्तर प्रदेश के कांग्रेस के कदावर नेता जितिन प्रसाद ने बुधवार को कांग्रेस को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। भाजपा में शामिल होने पर यूपी के सीएम आदित्य नाथ योगी व भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उनका पार्टी में आने पर स्वागत किया। हालांकि कांग्रेस ने जितिन प्रसाद के पार्टी छोड़ भाजपा में शामिल होने के निर्णय पर तंज कसते हुए उनका धन्यवाद किया है।
                          कांग्रेस आलाकमान से लंबे समय से नाराज चल रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कांग्रेस का साथ छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने जितिन प्रसाद को बीजेपी की सदस्यता दिलाई. राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले जितिन प्रसाद कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे जितेंद्र प्रसाद के बेटे हैं। उत्तर प्रदेश कांग्रेस की कमान प्रियंका .गांधी केे हाथों में आने के बाद सूबे की राजनीति में जितिन प्रसाद साइड लाइन चल रहे थे, जिसके चलते उन्होंने अब 2022 के चुनाव से ठीक पहले पार्टी को अलविदा कह दिया है। यह कांग्रेस के लिए यूपी में बड़ा झटका माना जा रहा है। जितिन प्रसाद के पार्टी में शामिल होने के बाद सियासी बयानबाजी भी शुरू हो गई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर बधाई दी। योगी ने ट्वीट किया जितिन प्रसाद के आने से उत्तर प्रदेश में पार्टी को मजबूती मिलेगी। वहीं कांग्रेस से भाजपा में आए राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, जितिन प्रसाद हमारे भाई और मित्र हैं। भाजपा में उनका स्वागत है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी ने धन्यवाद कहकर जितिन प्रसाद पर तंज कसा है।
                       वहीं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस नेता कुलदीप बिश्नोई ने पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के भाजपा में शामिल होने पर कांग्रेस के लिए बड़ा झटका करार दिया है। बिश्नोई ने कहा कि उनकी पार्टी को राज्यों में जीत हासिल करने के लिए जन नेताओं की पहचान कर उन्हें मजबूती प्रदान करनी चाहिए।  बिश्नोई ने ट्वीट किया, ‘‘पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया और अब जितिन प्रसाद। यह कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि हम उन नेताओं को खो रहे हैं जिन्होंने पार्टी को अपना सब कुछ दिया और आगे भी दे सकते थे।’’कांग्रेस पार्टी की छत्तीसगढ़ इकाई ने भी पार्टी छोड़ने को लेकर जितिन प्रसाद पर तंज कसा है। इसके लिए पार्टी की छत्तीसगढ़ इकाई ने बुधवार को अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा कि जितिन प्रसाद जी का कांग्रेस पार्टी छोड़ने के लिए धन्यवाद।
                      उधर, कांग्रेस सासंद मल्लिकार्जुन खड़ने ने जितिन प्रसाद के भाजपा में शामिल होने को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा, जाने वाले जाते रहे हैं, हम उन्हें रोक नहीं सकते। यह उनका फैसला था। उनका यहां (कांग्रेस में) भी भविष्य था। हालांकि, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। इसके साथ ही पंजाब कांग्रेस में मतभेदों के समाधान के लिए गठित किए गए कांग्रेस के पैनल को लेकर खड़गे ने कहा कि हम तीन-चार दिन में अपनी रिपोर्ट जमा कर देंगे।
                      कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की टीम का एक के बाद एक विकेट गिरता जा रहा है. ज्योतिरादित्य सिंधिया के बाद अब जितिन प्रसाद ने कांग्रेस छोड़कर .बीजेपी का दामन थाम लिया है। राहुल गांधी के करीबी सचिन पायलट उनसे किए गए वादे 10 महीने बाद भी पूरे नहीं होने पर नाराज हैं। जिनके समर्थन में पार्टी महासचिव भंवर जितेंद्र सिंह भी आ गए हैं। ऐसे में कांग्रेस हाईकमान पर दबाव बढ़ गया है। जितिन की खबर आने के बाद सचिन पायलट ट्विटर पर भी टॉप ट्रेंड में बनबने हुए हैं. देखना ये है कि सचिन पायलट को पार्टी अपने साथ कैसे साधकर रखती है? 
                      जितिन प्रसाद के बीजेपी में शामिल होते ही सचिन पायलट गुट के विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने कहा कि कांग्रेस में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की सुनवाई नही.रही है। सचिन पायलट के साथ जो वादे किए गए थे, उन्हें आज तक पूरा नहीं किया गया। सुलह के लिए जो कमेटी बनाई गई थी, उस कमेटी ने कोई बैठक नहीं की। हम लोग .प्रियंका गांधी से दिल्ली में मिले थे, तब बात हुई थी कि हमारी सुनवाई होगी, लेकिन अभी तक हमें बुलाया नहीं गया। हम खुद दो बार दिल्ली जाकर अपना दर्द बताकर.आए हैं, लेकिन कोई सुन नहीं रहा।
                      जितिन प्रसाद की साल 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में .शामिल होने चर्चाएं थीं, लेकिन उस वक्त उन्होंने पार्टी को नहीं छोड़ा था. हालांकि, यह चर्चा इतनी ज्यादा हो गई थी कि कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला को सामने आकर सफाई देनी पड़ी थी कि जितिन पार्टी नहीं छोड़ रहे हैं. हालांकि, जितिन प्रसाद उसके बाद भी सामने नहीं आए थे, लेकिन अब दो साल के बाद उन्होने आखिर कांग्रेस को छोड़कर बीजेपी में शामिल होने का कदम उठा ही लिया। यूपी की सियासत में जितिन प्रसाद कद्दावर नेता माने जाते हैं, लेकिन जबसे सूबे में प्रियंका गांधी का सियासी दखल बढ़ा है तब से उन्हें कांग्रेस में वह महत्व..नहीं मिल रहा है जैसा राहुल गांधी के समय मिला करता था. कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए-2 में जिस तरह से सचिन पायलट और ज्योतिरादित्य सिंधिया का सियासी वर्चस्व कायम था, उसी तरह जितिन प्रसाद की तूती बोलती थी। लेकिन पार्टी ने उन्हें साधे रखने के लिए यूपी से बाहर बंगाल का पार्टी प्रभारी .बनाकर भेज दिया था, हालांकि, बंगाल में चुनाव के बाद से कांग्रेस से उनका मोह भंग हो गया था और अपने सियासी भविष्य को देखते हुए बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर. ली।

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