मानसी शर्मा /- हिमाचल सरकार ने राज्य में बेटियों के भविष्य को सुरक्षित के लिए लड़कियों की शादी की उम्र 18 से 21 वर्ष करने का फैसला किया है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इसके लिए सरकार समिति बनाएगी। जिससे बेटियों को अपना कॅरियर सवारने के लिए ज्यादा समय मिल सके। मुख्यमंत्री शूलिनी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करने के दौरान यह कहा, उन्होंने आगे कहा कि यूनिवर्सिटी में पीएचडी की डिग्री लेने मे लड़कियों की संख्या लड़को से ज्यादा है। वही समाज तरक्की करता है, जहां पर लड़के, लड़कियों सभी को समान अधिकार मिले। पढ़े लिखे युवाओं को राजनीति में आना चाहिए।
इंडियन क्रिश्चियन मैरिज अधिनियम 1872, पारसी मैरिज एंड डिवोर्स अधिनियम 1936,विशेष विवाह अधिनियम 1954, और हिन्दू विवाह अधिनियम 1955, इन सभी कानून के अनुसार शादी करने के लिए लड़के की उम्र 21 वर्ष और लड़की की 18 वर्ष होनी चाहिए। इसमें धर्म के हिसाब से कोई बदलाव या छूट नहीं है। फिलहाल बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 लागू है। जिसके अंतर्गत लड़का के लिए 21 और लड़की के लिए 18 से पहले की गई शादी को बाल विवाह के दायरे में रखा जाता है।


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