नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राजधानी दिल्ली और एनसीआर में चल रहे किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस रैकेट में शामिल 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के डीसीपी अमित गोयल ने मामले को लेकर जानकारी दी है।
आरोपियों में शामिल तीन किडनी डोनर
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में आए 8 लोगों का संबंध 5 राज्यों से है। इन आरोपियों में से तीन पहले किडनी डोनर रह चुके है। पहले उन्होंने किडनी दी फिर गैंग से जुड़ गए। किडनी डोनेट करने वालों को 4 से 5 लाख रुपए दिए जाते थे। आरोपी पुनीत नकली दस्तावेज बनाता था और सुमित डोनर का स्क्रीनिंग पास कराता था, इसके लिए डोनर को ट्रेंड करता था।
जांच के दौरान पता चला है कि संदीप आर्य 35 से 40 लाख रुपए में इनसे किडनी लेता था। 11 अस्पतालों में करीब 35 लोग किडनी ट्रांसप्लांट करा चुके है। मामले में जांच अभी जारी है। किडनी डोनर को सोशल मीडिया के जरिए ढूंढा जाता था। 122 सोशल मीडिया ग्रुप से आरोपी जुड़े हुए थे। इस गैंग का अभी बांग्लादेश से कोई लिंक नहीं मिला है। सभी आरोपी भारतीय हैं। अस्पताल की भूमिका की अभी जांच की जा रही है। वहीं मामले में अभी किसी डॉक्टर का नाम सामने नहीं आया है।
9 जुलाई को इंटरनेशनल किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का हुआ था पर्दाफाश
इससे पहले दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 9 जुलाई को भी बड़ी कार्रवाई की थी। इस दौरान एक इंटरनेशनल किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का पर्दाफाश किया था। जांच के दौरान पता चला था कि किडनी डोनर से 4 से 5 लाख रुपए में किडनी लेकर उसे 20 से 30 लाख रुपए में बेचा जाता था। मामले में जाने-माने अस्पतालों की एक महिला डॉक्टर समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इस रैकेट के तार बांग्लादेश से जुड़े हुए थे।


More Stories
नजफगढ़ ड्रेन की सफाई में आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल शुरू
नरेला औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, एक आरोपी घायल
भारती कॉलेज में युवाओं को ‘विकसित भारत 2047’ से जोड़ने का कार्यक्रम
23 मार्च को जंतर-मंतर पर अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों और परिवारों का धरना प्रस्तावित
नजफगढ़ MCD कार्यालय के बाहर सफाई कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन
नजफगढ़ मेट्रो: 1 मार्च से 16 मार्च 2026 तक की प्रमुख खबरें