दिल्ली की 1511 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने का बड़ा फैसला

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May 1, 2026

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नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-  दिल्ली सरकार की कैबिनेट बैठक में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय लिया गया, जिसमें राजधानी की 1511 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित (रेगुलराइज) करने के फैसले का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया गया। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में दिल्ली सचिवालय में आयोजित इस बैठक में सर्वसम्मति से धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया गया। इस प्रस्ताव में विशेष रूप से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व की सराहना की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे लाखों परिवारों के जीवन में सम्मान, स्थिरता और बेहतर भविष्य की उम्मीद जगी है।

बजट में विशेष प्रावधान और विकास की रफ्तार
सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में इन कॉलोनियों के समुचित विकास के लिए ₹800 करोड़ का विशेष फंड निर्धारित किया है। इस राशि का उपयोग बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़कों, सीवरेज, पानी और अन्य आवश्यक ढांचे को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि इन क्षेत्रों को योजनाबद्ध तरीके से विकसित कर उन्हें मुख्यधारा में शामिल किया जाए, जिससे वहां रहने वाले लोगों को भी शहर के अन्य हिस्सों जैसी सुविधाएं मिल सकें।

तय समय-सीमा में पूरी होगी प्रक्रिया
इस पूरी प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने सख्त समय-सीमा तय की है। निर्देशों के अनुसार, 7 दिनों के भीतर GIS सर्वे की रिपोर्ट तैयार करनी होगी। इसके अलावा, यदि आवेदन में किसी प्रकार की कमी पाई जाती है, तो 15 दिनों के अंदर समाधान के लिए नोटिस जारी करना अनिवार्य होगा। वहीं, 45 दिनों के भीतर संबंधित कॉलोनियों के निवासियों को कन्वेयंस डी प्रदान करना सुनिश्चित किया जाएगा। इस सख्त समयबद्ध प्रक्रिया से लोगों को लंबे इंतजार से राहत मिलने की उम्मीद है।

लाखों परिवारों के लिए राहत और पहचान
इस फैसले से राजधानी के लाखों परिवारों को कानूनी मान्यता मिलेगी, जिससे वे अपने घरों के वैध मालिक बन सकेंगे। साथ ही बैंक लोन, सरकारी योजनाओं और अन्य सुविधाओं का लाभ भी आसानी से उठा पाएंगे। सरकार का मानना है कि यह कदम दिल्ली के समग्र शहरी विकास की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।

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