गणतंत्र दिवस पर फेसबुक और इस्टांग्राम पर सजेगी महफिल आजादियां

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April 12, 2026

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गणतंत्र दिवस पर फेसबुक और इस्टांग्राम पर सजेगी महफिल आजादियां

-किन्नर निरवैर कौर की रहेगी विशेष प्रस्तुति

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- कोरोना बिमारी की वजह से 26 जनवरी के अधिकतर कार्यक्रम डिजिटल माध्यमों से किए जा रहे हैं। इसी क्रम में गणतंत्र दिवस के अवसर पर ‘आजादियां’ कार्यक्रम मनाया जा रहा है जिसमें फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए चुनिंदा युवा कवि अपनी प्रतिभा बिखेंरेंगे। कार्यक्रम को फेसबुक और इंस्टाग्राम पर क्रमशः 19.30 और 21.30 बजे से लाइव देखा जा सकेगा। इस कार्यक्रम को फेसबुक पर गौरी चैहान और इंस्टाग्राम पर निक्की महर संचालन करेंगी। फेसबुक पर निक्की महर, रीतेय, रिषभ गोयल, ऋषभ कुमार और मुजाहिद अली फैसल से आप रू-ब-रू होंगे। वहीं इंस्टा पर निर्वैर कौर ‘किरन’, दीप्ति पाठक, मुस्कान यादव, सुप्रिया, अंकित दुबे, कुशल दौनेरिया और वीरेंद्र नाथ तिवारी शिरकत करते नजर आएंगे।
इस कार्यक्रम में निर्वैर कौर ‘किरन’ की उपस्थिति होने की वजह से कार्यक्रम में चार चांद लगने की उम्मीद है। निर्वैर कौर के बारे में आपको बता दें कि निरवैर आजाद विचारों की धनी और कलम की पक्की होने के साथ-साथ ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट भी हैं। समाज में समानता की प्रशंसक होने के साथ-साथ वह इसकी इच्छुक भी हैं। इस भाव की झलक उनके शब्दों में साफ नजर आती है।

साहित्य हमारे हिंदुस्तान के इतिहास की रीढ़
द मॉडर्न पोयट्स साहित्यिक पथ पर अग्रसर संगठन है। तीन वर्ष की अल्प-आयु में यह संगठन लाखों लोगों का विश्वास जीतने में सफल रहा है। टीएमपी युवा कलमों की आवाज बुलंद करने और सामाजिक कुरीतियों पर प्रश्नचिन्ह लगाने की ओर कार्यरत है। आजादियाँ नामक कार्यक्रम भी इसी सोच की उपज है।
द मॉडर्न पोएट्स के संस्थापक ष्मोहित मुदिता द्विवेदी कहतें हैं कि अगर कहा जाए कि साहित्य हमारे हिंदुस्तान के इतिहास की रीढ़ है तो ये अतिश्योक्ति नहीं होगी, आजादी की क्रांति के समय साहित्य की आवाज ने ही जनमानस में क्रांति की चिंगारी कभी बुझने ना दी । ऐसे मुल्क के होने पर हमारा फर्ज है कि इस परम्परा को बढ़ाया जाए और साहित्य की अलख को जगाए रखा जाए । हमारा ष् आजादियाँ ष् कार्यक्रम से यही उद्देश्य है कि साहित्य के जरिये हम हमारे संघर्ष, क्रांति व गणतंत्र का उत्सव मनाते रहें और शायद यही सच्ची श्रद्धांजलि भी होगी

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