कोरोना काल में आधी आबादी पर बढ़ी बेरोजगारी की मार, महिला रोजगार दर घटकर 11 फीसदी हुई

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
March 20, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

कोरोना काल में आधी आबादी पर बढ़ी बेरोजगारी की मार, महिला रोजगार दर घटकर 11 फीसदी हुई

-नौकरी की बजाये अब स्वरोजगार को दे रही प्राथमिकता

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- कोविड-19 के कारण बहुत सी भारतीय महिलाओं को अपनी नौकरी छोड़नी पड़ी है। एक सर्वेक्षण के अनुसार, कार्य स्थलों पर 71 फीसदी कामकाजी पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की मौजूदगी दर अब केवल 11 फीसदी रह गई है। कार्य स्थलों पर इतनी कम महिलाओं के साथ महिलाओं में बेरोजगारी की दर पुरुषों के छह फीसदी के मुकाबले 17 फीसदी हो गई है।
सर्वेक्षण में एक दिलचस्प बात यह भी सामने आई है कि जनवरी से लेकर फरवरी तक के दो महीनों के दौरान औसतन एक महिला ने 18 बार से अधिक सॉरी शब्द का इस्तेमाल किया। इसके बाद औसतन एक महिला ने 16 बार लव कहा। सर्वेक्षण में यह बात भी सामने आई है कि कोविड-19 के दौर से निकलने के लिए संघर्ष कर रही महिलाएं अब अपनी सेहत पर अधिक ध्यान देने के साथ ही कोई कारोबार शुरू कर आत्मनिर्भरता हासिल करने व उद्यमी बनने के सपने देख रही हैं।
बबल एआई द्वारा जनवरी 2021 से पिछले दो महीने में करवाए गए सर्वेक्षण की रिपोर्ट बताती है कि सर्वेक्षण के दायरे में आई 55 फीसदी से अधिक महिलाएं अब अपनी सेहत, फिटनेस और उत्साह पर ध्यान दे रही हैं और साथ ही इसके बारे में अपनी दोस्तों के बीच जानकारी और चिंताएं भी अधिक खुलकर साझा कर रही हैं। भारतीय संदर्भों में रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 के कारण बहुत सी भारतीय महिलाओं को अपना व्यवसाय बीच में छोड़ना पड़ा है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) के अनुसार महिलाओं की श्रम बल में पहले से ही कम भागीदारी को और कम कर दिया है जो कि सकते में डालने वाली बात है। इसमें कहा गया है कि कार्य स्थलों पर 71 फीसदी कामकाजी पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की मौजूदगी दर 11 फीसदी रह गई है। कार्य स्थलों पर इतनी कम महिलाओं के साथ महिलाओं में बेरोजगारी की दर पुरुषों के छह फीसदी के मुकाबले 17 फीसदी हो गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अचानक से नौकरी से हाथ धो बैठने से भारत में महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर भी सीधा असर पड़ा है। इस सर्वेक्षण को करवाने वाली बबल एआई एक मीडिया प्लेटफार्म कंपनी है जिसने यह जानने के लिए सर्वेक्षण करवाया कि कोरोना महामारी के दौर में महिलाएं किन मुद्दों पर बात कर रही हैं।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox