नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- वॉट्सऐप-डेटा शेयरिंग मालमे पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है। सीजेआई सूर्यकांत ने नागरिकों की निजता को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए वॉट्सऐप की पेरेंट कंपनी मेटा को दो टूक सुनाया है। उन्होंने कहा कि नागरिकों की निजता से समझौता नहीं किया जाएगा।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि अगर कंपनी देश के संविधान और कानून का पालन नहीं कर सकती, तो उनके लिए विकल्प बहुत स्पष्ट है, भारत से बाहर निकल जाए। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीजेआई ने मेटा से कहा कि हम आपको एक भी जानकारी शेयर करने की अनुमति नहीं देंगे।
प्राइवेसी पॉलिसी पर सवाल
सीजेआई सूर्यकांत ने Whatsaap की प्राइवेसी पॉलिसी पर सवाल उठाते हुए कहा कि यब बहुत चालाकी से इस तरह तैयार की गई है कि उपयोग करने वाले भ्रमित हो जाए। उन्होंने कहा कि आपकी प्राइवेसी पॉलिसी इस तरह बनाई गई है कि कोई गरीब, बुजुर्ग या महिला सड़क पर सब्जी बेचती हों, या केवल दूसरी भाषा समझती हो, वह आपकी मंशा को कैसे समझ पाएगी। अदालत ने साफ किया कि निजता का अधिकार कोई विकल्प नहीं, बल्कि संविधान से मिला मौलिक अधिकार है। नागरिकों के अधिकार के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मेटा ने क्या दलील दी
वहीं, मेटा की ओर से पेश हुए वकील ने कहा कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की तरफ से लगाया गया जुर्माना भर दिया गया है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के पास ऑप्ट आउट का विकल्प मौजूद है और 15 नवंबर के आदेश से जुड़े निर्देशों का पालन किया जा रहा है। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि ऑप्ट आउट जैसे विकल्प नागरिकों के मौलिक अधिकारों का विकल्प नहीं हो सकते। मेटा को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।


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