नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/गुरूग्राम/नई दिल्ली/प्रदीप यादव/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- कोरोना संकट से आइटी एवं बीपीओ सेक्टर में 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित हो चुका है। यही नहीं हजारों लोगों की नौकरियां जा चुकी हैं। यदि जल्द संकट नहीं टला तो दोनों सेक्टर को इतना नुकसान हो जाएगा कि भरपाई करने में ही कई साल लग जाएंगे। वर्क फ्राम होम से अपेक्षाकृत बेहतर परिणाम सामने नहीं आ रहे हैं।
यह जानकारी आइटी एवं टेलीकाम सेक्टर की कंपनियों के संगठन हाइटेक इंडिया के प्रेसिडेंट प्रदीप यादव ने दी। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2018-19 के दौरान गुरुग्राम के आइटी एवं बीपीओ सेक्टर ने 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया था। कोरोना संकट के बाद कारोबार 50 फीसद रह गया है। पिछले आठ महीने से संकट बना हुआ है। इस हिसाब से आठ महीने के दौरान 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित हो चुका है। गुरुग्राम में लगभग तीन हजार बीपीओ हैं। आइटी एवं आइटी इनेबल्ड सेक्टर की पांच हजार से अधिक कंपनियां हैं। अधिकतर कंपनियां अमेरिका के लिए काम करती हैं। कोरोना संकट की वजह से अमेरिका में भी कारोबार काफी प्रभावित है। इसका सीधा असर गुरुग्राम की कंपनियों के ऊपर पड़ रहा है।
आमने-सामने बैठकर बेहतर संवाद होता है
कोरोना संकट की वजह से आमने-सामने बैठकर संवाद नहीं हो पा रहा है। कर्मचारियों को समय-समय पर अपडेट करने काम नहीं हो पा रहा है। वर्क फ्राम होम से कहीं न कहीं कर्मचारियों की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है। जितना आउटपुट निकलकर आना चाहिए, नहीं आ रहा है। जब लोग घर से बाहर निकलते हैं, आगे कुछ लोगों से चर्चा करते हैं तो बेहतर कंसेप्ट तैयार होता है। घर में बैठकर काम करने से कहीं न कहीं दायरा सीमित हो जाता है। घर में पूरी तरह फ्री होकर अधिकतर कर्मचारी काम नहीं कर पाते हैं क्योंकि परिवार के लोग साथ होते हैं। इन सभी कारणों से आइटी एवं बीपीओ सेक्टर का कारोबार प्रभावित है।


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