नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- एन.आई. एक्ट के एक मामले में अदालत की कार्यवाही से लगातार बच रहे आरोपी को द्वारका जिला पुलिस की जेल बेल एवं उद्घोषित अपराधी प्रकोष्ठ (उद्घोषित अपराधी प्रकोष्ठ) ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को अदालत द्वारा पहले ही उद्घोषित अपराधी (उद्घोषित अपराधी) घोषित किया जा चुका था। विशेष अभियान के तहत चल रही कार्रवाई में यह गिरफ्तारी की गई।
अदालत ने घोषित किया था उद्घोषित अपराधी
आरोपी रिजवान को दिनांक 13 जनवरी 2026 को द्वारका कोर्ट द्वारा केस संख्या 17222/2021, धारा 138 एन.आई. एक्ट में उद्घोषित अपराधी घोषित किया गया था। यह आदेश माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (एन.आई. एक्ट)-09, दक्षिण-पश्चिम, द्वारका कोर्ट द्वारा पारित किया गया था। अदालत में लगातार अनुपस्थित रहने और न्यायिक प्रक्रिया से बचने के कारण उसके विरुद्ध यह सख्त कदम उठाया गया था।
विशेष टीम का गठन और अभियान
द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त के निर्देशानुसार उद्घोषित अपराधियों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में एक समर्पित टीम का गठन किया गया, जिसका नेतृत्व इंस्पेक्टर हरीश कुमार कर रहे थे। टीम में हेड कांस्टेबल कुलवंत सिंह, हेड कांस्टेबल महेश डागर और कांस्टेबल जयदीप शामिल थे। पूरी कार्रवाई एसीपी ऑपरेशंस की निगरानी में की गई।
टीम को उद्घोषित अपराधियों, सक्रिय बदमाशों और हाल ही में जेल से रिहा हुए आरोपियों की तलाश का विशेष दायित्व सौंपा गया था।
गुप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई
21 फरवरी 2026 को जब टीम सेक्टर-10 द्वारका क्षेत्र में गश्त पर मौजूद थी, तभी एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि एन.आई. एक्ट मामले में फरार चल रहा उद्घोषित अपराधी रिजवान इलाके में घूम रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बताए गए स्थान पर पहुंचकर आरोपी को घेर लिया और उसे काबू कर लिया।
रिजवान पुत्र इरफान, उम्र 35 वर्ष, निवासी मोहन गार्डन, उत्तम नगर, दिल्ली को विधि सम्मत प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में उसके विरुद्ध पहले किसी अन्य आपराधिक मामले की संलिप्तता नहीं पाई गई है।
न्याय से बचने की कोशिश नाकाम
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी लंबे समय से अदालत की सुनवाई से बच रहा था और समन व वारंट के बावजूद पेश नहीं हो रहा था। उद्घोषित अपराधी घोषित होने के बाद से वह गिरफ्तारी से बचने के प्रयास कर रहा था, लेकिन तकनीकी और मैनुअल सूचना के आधार पर की गई सतर्क कार्रवाई ने उसकी फरारी पर विराम लगा दिया।
द्वारका जिला पुलिस द्वारा चलाया जा रहा विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि न्यायिक प्रक्रिया से बचने वाले आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जा सके।


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