डकैती कांड का पर्दाफाश: 15 लाख नकद और 30 लाख के मोबाइल बरामद

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
September 9, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

-पुलिस थाना तिमारपुर और स्पेशल स्टाफ की संयुक्त कार्रवाई

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-    उत्तर जिला पुलिस को एक बड़ी सफलता उस समय मिली जब पुलिस थाना तिमारपुरऔर स्पेशल स्टाफ की संयुक्त टीम ने डकैती के सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई में लूटी गई पूरी नकदी 15 लाख रुपये और करीब 30 लाख रुपये मूल्य के 21 महंगे मोबाइल फोन बरामद किए गए। मामले का मास्टरमाइंड अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

बस से दिल्ली पहुंचते ही बनाया निशाना
17 फरवरी 2026 को जम्मू निवासी रमेश लाल ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि वह जम्मू स्थित ‘गैजेट गैलेक्सी’ नामक मोबाइल दुकान में कार्यरत है। 16-17 फरवरी की रात वह निजी बस से जम्मू से दिल्ली व्यापारिक कार्य हेतु रवाना हुआ था। उसके पास एक बैग में 15 लाख रुपये नकद और 22 पैक्ड एप्पल मोबाइल फोन थे, जबकि दूसरे छोटे बैग में उसका निजी मोबाइल रखा था।

सुबह करीब 7:15 बजे जैसे ही वह मजनू का टीला इलाके में बस से उतरा, उसी बस से उतरे तीन पुरुष और तीन महिलाएं उसके पास पहुंचीं। आरोप है कि महिलाओं ने उसे घेरकर छेड़छाड़ के झूठे आरोप लगाने शुरू कर दिए, जबकि पुरुष आरोपियों ने उसका बैग छीन लिया और फरार हो गए। मौके पर मौजूद लोगों की मदद से तीन महिलाओं को पकड़ लिया गया और शिकायतकर्ता का एक बैग बरामद कर लिया गया। पूरी घटना सीसीटीवी में भी कैद हुई।

पूछताछ में खुला गिरोह का राज
गिरफ्तार महिलाओं से पूछताछ में सामने आया कि कुल छह लोग इस साजिश में शामिल थे और इसका मास्टरमाइंड परवेज नामक व्यक्ति है। योजना के तहत सभी आरोपी जम्मू से एक ही बस में सवार हुए थे। दिल्ली पहुंचते ही महिलाओं को शिकायतकर्ता को घेरकर हंगामा करने की जिम्मेदारी दी गई, ताकि पुरुष आरोपी नकदी और मोबाइल से भरा बैग लेकर भाग सकें।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की कई टीमें जम्मू और पंजाब के अलग-अलग क्षेत्रों में रवाना की गईं। तकनीकी निगरानी और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के विश्लेषण के बाद एक आरोपी मोहम्मद फारूक को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया गया। उसने खुलासा किया कि लूटी गई संपत्ति परवेज के पास है।

दुर्गम जंगलों में आठ दिन की तलाश
दूसरे आरोपी तारिक हुसैन की तलाश में पुलिस टीम को उधमपुर (जम्मू) के दुर्गम पहाड़ी और घने जंगलों में कई दिनों तक अभियान चलाना पड़ा। बिना सड़कों वाले इलाकों और अंधेरे जंगलों में लगभग 25 किलोमीटर पैदल खोजबीन की गई। टीम ने कई रातें बिना किसी नागरिक सुविधा के जंगल में बिताईं। करीब आठ दिन की कड़ी मशक्कत और 1500 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करने के बाद तारिक को उसके गांव के जंगल क्षेत्र से पकड़ा गया।

उसकी निशानदेही पर घर में पशुओं के बाड़े के पास दबाकर रखी गई 13 लाख रुपये नकदी और 21 एप्पल आईफोन बरामद किए गए। तलाशी के दौरान उसके पास से 2 लाख रुपये अतिरिक्त भी मिले।

गिरोह का तरीका और मास्टरमाइंड की तलाश
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि परवेज ने पहले से सूचना दी थी कि शिकायतकर्ता भारी नकदी और कीमती सामान लेकर यात्रा करेगा। योजना के तहत महिलाओं को झूठा आरोप लगाकर माहौल बनाने और पुरुषों को सामान लेकर फरार होने की जिम्मेदारी दी गई थी। वारदात के बाद सभी को वापस जम्मू लौटना था।

पुलिस ने परवेज के संभावित ठिकानों पर कई छापेमारी की है, लेकिन वह अभी भी गिरफ्त से बाहर है। उसकी तलाश जारी है।

आरोपियों की पृष्ठभूमि
गिरफ्तार आरोपियों में तीन महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं, जो जम्मू-कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों के निवासी हैं। कुछ आरोपी सीमित शिक्षा प्राप्त हैं, जबकि एक आरोपी स्नातक है और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। पुलिस के अनुसार, आसान पैसे के लालच में सभी इस अपराध में शामिल हुए।

बरामदगी

15 लाख रुपये नकद

21 एप्पल आईफोन (लगभग 30 लाख रुपये मूल्य)

शिकायतकर्ता का रेडमी-10 मोबाइल

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox