“SHO–वकील विवाद से जोधपुर में हंगामा, अधिवक्ताओं ने किया घेराव”

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 7, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

“SHO–वकील विवाद से जोधपुर में हंगामा, अधिवक्ताओं ने किया घेराव”

-वकील से दुर्व्यवहार पर अधिवक्ताओं का आक्रोश

जोधपुर/उमा सक्सेना/-   कुड़ी भगतासनी थाने में एक वकील के साथ SHO हमीर सिंह द्वारा कथित अभद्रता और धक्का-मुक्की के मामले ने शहर में तनाव बढ़ा दिया है। सोमवार को हुई इस घटना के बाद पूरे शहर के वकील विरोध में उतर आए। देर रात बड़ी संख्या में अधिवक्ता थाने के बाहर जमा हुए और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए।

SHO पर वकील के साथ धक्का-मुक्की और धमकी के आरोप
सूत्रों के मुताबिक, थाने में बयान लेने के दौरान एक पुलिसकर्मी वर्दी में नहीं था। वकील भरत सिंह राठौड़ ने जब इस पर आपत्ति जताई तो SHO हमीर सिंह कथित रूप से भड़क गए। आरोप है कि SHO ने वकील को धक्का देने के साथ-साथ ‘शांतिभंग में बंद करने’ की धमकी भी दी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी तेज हो गई और मामला तनावपूर्ण हो गया।

देर रात थाने का घेराव, वकीलों का जमकर विरोध
घटना की खबर फैलते ही राजस्थान एडवोकेट एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रंजीत जोशी की अगुवाई में दर्जनों नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में वकील देर रात कुड़ी भगतासनी थाने पहुंच गए। वकीलों ने SHO के खिलाफ कड़े नारे लगाए और आरोपियों को तत्काल निलंबित करने की मांग रखी। थाने के बाहर यह विरोध देर रात तक जारी रहा।

आज सभी अदालतों में वकीलों का कार्य बहिष्कार
शहर की सभी एडवोकेट एसोसिएशन ने आपात बैठक कर निर्णय लिया कि मंगलवार, 2 दिसंबर को राजस्थान हाईकोर्ट से लेकर सभी अधीनस्थ न्यायालयों में अधिवक्ता न्यायिक कार्यों का पूरी तरह बहिष्कार करेंगे। वकीलों का कहना है कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन होगा तेज
वकीलों ने साफ कहा है कि SHO हमीर सिंह और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल निलंबन व सख्त विभागीय कार्रवाई जरूरी है। बार एसोसिएशनों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो बड़े स्तर पर आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox