राजधानी की हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुँची, वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए कड़े कदम

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

July 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031  
July 7, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-     दिल्ली और एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता (Air Quality) को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण (Stage III) लागू कर दिया है।

इस फैसले के बाद अब BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल गाड़ियों के चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।

दिल्ली की हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में, AQI 400 के पार
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) सोमवार को 362 से बढ़कर मंगलवार को 421 पहुँच गया — जो कि गंभीर (Severe) श्रेणी में आता है।
राजधानी के कई इलाकों — जैसे बवाना (462), आर.के. पुरम (446) और पटपड़गंज (438) — में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब दर्ज की गई।

CAQM ने कहा कि “कम हवा की गति, ठंड का असर और मौसमी परिस्थितियों” के कारण प्रदूषण के कण वायुमंडल में जमा हो रहे हैं, इसलिए GRAP-3 लागू करना जरूरी हो गया।

कौन-कौन सी गाड़ियां अब नहीं चलेंगी?
ग्रेप-3 लागू होने के बाद दिल्ली और आसपास के जिलों में BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल चार-पहिया वाहनों का संचालन प्रतिबंधित कर दिया गया है।
हालांकि, यह नियम आपातकालीन सेवाओं (Emergency Services), पुलिस, फायर ब्रिगेड और विकलांग व्यक्तियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले वाहनों पर लागू नहीं होगा।

यदि कोई वाहन मालिक इस नियम का उल्लंघन करता है तो उस पर ₹20,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
इसके अलावा, बीएस-4 डीजल इंजन वाले मध्यम और भारी मालवाहक वाहनों (MGV) को भी दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

निर्माण कार्य और उद्योगों पर भी रोक
ग्रेप-3 के तहत अब दिल्ली में निर्माण और विध्वंस कार्यों (Construction & Demolition) पर भी रोक लगा दी गई है।
हालांकि, सड़क, रेलवे, मेट्रो और एयरपोर्ट से जुड़े आवश्यक प्रोजेक्ट्स को इससे छूट दी गई है।

जो उद्योग गैर-मान्यता प्राप्त ईंधन (Unapproved Fuel) का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें अस्थायी रूप से बंद करने के आदेश दिए गए हैं।
साथ ही, नगर निगम को सड़कों पर मैकेनिकल स्वीपर और वॉटर स्प्रिंकलर के जरिए धूल नियंत्रण के निर्देश दिए गए हैं।

ट्रैफिक और परिवहन पर असर
इन नए नियमों से दिल्ली-एनसीआर की आवागमन प्रणाली (Transport System) पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है —

कम्यूटर की दिक्कतें: पुराने BS-III और BS-IV वाहन चलाने वाले लोगों को रोजाना के सफर में परेशानी होगी।

लॉजिस्टिक्स पर असर: डीजल ट्रकों पर रोक से सप्लाई चेन और डिलीवरी सेवाओं पर असर पड़ सकता है।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर दबाव: अब अधिक लोग मेट्रो, ई-बस, या कैब सर्विसेज का उपयोग करेंगे, जिससे भीड़ बढ़ सकती है।

परिवहन कंपनियाँ अब अपने फ्लीट को नए नियमों के अनुसार एडजस्ट करने की तैयारी में हैं।

GRAP क्या है और कैसे काम करता है?
GRAP (Graded Response Action Plan) दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से निपटने के लिए तैयार किया गया चार-स्तरीय एक्शन प्लान है —

चरण AQI स्तर प्रमुख कार्रवाई:

चरण 1 (खराब) 201–300 सड़क सफाई, पानी का छिड़काव, कचरा जलाने पर रोक

चरण 2 (बहुत खराब) 301–400 डीजल जनरेटर सेट्स पर रोक, पार्किंग शुल्क बढ़ाना

चरण 3 (गंभीर) 401–450 BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाहनों पर बैन, गैर-जरूरी निर्माण बंद

चरण 4 (बहुत गंभीर) 450 से ऊपर ट्रकों की एंट्री पर रोक, स्कूल-कॉलेज बंद, वर्क फ्रॉम होम लागू

नागरिकों के लिए सुझाव
विशेषज्ञों के मुताबिक, सर्दियों में प्रदूषण बढ़ने का कारण पराली जलाना, वाहनों का धुआँ, और मौसम की ठहराव वाली स्थिति है।
नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे —

नियमित रूप से AQI अपडेट्स देखें,

अपनी गाड़ियों का PUC सर्टिफिकेट अपडेट रखें,

और जहाँ संभव हो, CNG या इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रयोग करें।

स्वच्छ हवा और सेहत के बीच संतुलन की चुनौती
GRAP-3 के तहत लागू किए गए ये सख्त कदम भले अस्थायी हों, लेकिन ये साफ दिखाते हैं कि दिल्ली की हवा और जनस्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाना अब अनिवार्य हो गया है।
सरकार का लक्ष्य है कि दिवाली के बाद के मौसम में प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित किया जा सके और जनता को स्वच्छ हवा मिले।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox