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August 14, 2026

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चीन से बढ़ती दोस्ती देख ट्रंप को भारत-रूस पर चिंता

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/-   अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत, रूस और चीन के बढ़ते रिश्तों पर चिंता जताई है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने तीखा बयान देते हुए कहा कि भारत और रूस को “खतरनाक चीन” के प्रभाव में खोने का खतरा है। उन्होंने तिआनजिन में हुए शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन की तस्वीर साझा की, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक साथ नजर आ रहे थे। व्यंग्यात्मक लहजे में ट्रंप ने इस गठजोड़ को “लंबा और समृद्ध रहने” की शुभकामना दी।

टैरिफ नीति से बढ़ा तनाव
ट्रंप के बयान के पीछे उनकी आक्रामक टैरिफ नीति और बदलते वैश्विक समीकरणों की चिंता साफ झलक रही है। पिछले महीने उन्होंने भारत पर 50% और चीन पर 145% टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। हालांकि चीन पर यह टैरिफ 90 दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया, लेकिन भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव गहरा गया। ट्रंप के करीबी सहयोगियों की पीएम मोदी पर लगातार टिप्पणियों ने भारत को रूस और चीन के और करीब ला दिया है।

भारत-चीन रिश्तों में नरमी
तिआनजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात ने दुनिया का ध्यान खींचा। जिनपिंग ने मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया और सीमा विवाद सुलझाने, व्यापार बढ़ाने और मित्रवत रिश्तों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि “ड्रैगन और हाथी का साथ” वैश्विक शांति के लिए जरूरी है। इसे भारत-चीन रिश्तों में नरमी और अमेरिका-विरोधी नए गुट के उभरने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

भारत की कूटनीतिक चुप्पी
ट्रंप के बयान पर भारत सरकार ने कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने टिप्पणी करने से इनकार किया। इससे साफ है कि भारत इस पूरे मसले पर कूटनीतिक संतुलन बनाए रखना चाहता है।

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