पहलगाम हमला: आतंकियों के मददगार आदिल का खुला कच्चा चिट्ठा, भारत में चोरी-छिपे घुसा, घर में मिली पनाह

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August 24, 2026

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पहलगाम हमला: आतंकियों के मददगार आदिल का खुला कच्चा चिट्ठा, भारत में चोरी-छिपे घुसा, घर में मिली पनाह

-आदिल ने पाकिस्तानी आतंकी को भारत में घुसाने की रची साजिश

नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- जम्मू-कश्मीर के पहलगाम हमले के आतंकियों की मदद आदिल अहमद ठोकर ने की थी। आदिल ने ही पाकिस्‍तानी आतंकी को भारत में चोरी-छिपे एंट्री दिखाई थी, जिसके बाद हमले को अंजाम दिया गया। बिजबेहरा के एक छोटे से गांव गुरी का रहने वाला आदिल अहमद ठोकर अब एक बड़ी साजिश का अहम किरदार बनकर सामने आया है। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, आदिल ने पाकिस्तान से एक आतंकी को भारत में घुसाने और पहलगाम हमले की साजिश में मदद की थी।  

आतंकी संगठनों के हैंडलरों से संपर्क में था आदिल
आदिल साल 2018 में वैध छात्र वीजा पर पाकिस्तान गया था। सूत्रों के अनुसार, वह पहले से ही कट्टरपंथी सोच से प्रभावित था। पाकिस्तान में उसने सीमा पार से चल रहे आतंकी संगठनों के हैंडलरों से संपर्क साधा। पाकिस्तान में रहने के दौरान करीब आठ महीने तक वह सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से गायब रहा। इस बीच भारतीय खुफिया एजेंसियां उसके डिजिटल मूवमेंट और बिजबेहरा स्थित उसके घर पर कड़ी नजर रख रही थीं।

पुंछ-राजौरी सेक्टर से कराई घुसपैठ
बताया जाता है कि 2024 में इस निगरानी को और तेज कर दिया गया। अक्टूबर 2024 में आदिल ने पुंछ-राजौरी सेक्टर के बीहड़ और दुर्गम इलाके से चोरी-छिपे भारत में घुसपैठ की। सूत्रों के अनुसार, वह 3-4 लोगों के एक ग्रुप के साथ एलओसी पार करके आया। भारत में घुसने के बाद आदिल की गतिविधियां किश्तवाड़ में ट्रैक की गईं। माना जा रहा है कि वह किश्तवाड़ या त्राल की पहाड़ियों के रास्ते अनंतनाग पहुंचा, जहां उसने या तो आतंकियों के साथ दोबारा संपर्क साधा या किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की तैयारी की।

आदिल ने उस पाकिस्तानी आतंकी को अपने पास पनाह दी
कई हफ्तों तक आदिल ने उस पाकिस्तानी आतंकी को अपने पास पनाह दी। जब तक सही मौका नहीं मिला, वो शांत रहा. दूसरी तरफ, अनंतनाग यात्रा के चलते बैसरन वैली को औपचारिक रूप से बंद कर दिया गया था, लेकिन मार्च के बाद से वहां पर्यटक फिर से पहुंचने लगे थे। इसी का फायदा उठाते हुए आदिल ने बैसरन पर हमला करने का फैसला किया।

पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी. इस मामले की शुरुआती जांच से पता चलता है कि इसमें शामिल आतंकवादियों की संख्या पांच से सात हो सकती है. अधिकारियों ने बताया कि उन्हें पाकिस्तान में प्रशिक्षण प्राप्त कम से कम दो स्थानीय आतंकवादियों से मदद मिली थी।

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