दिल्ली से प्रयागराज तक RO-ARO अभ्यर्थियों का विरोध, एक दिन में परीक्षा कराने की मांग

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October 9, 2026

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दिल्ली से प्रयागराज तक RO-ARO अभ्यर्थियों का विरोध, एक दिन में परीक्षा कराने की मांग

मानसी शर्मा /-  उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा पीसीएस प्रीलिम्स 2024और RO/AROप्रीलिम्स 2023को दो शिफ्टों में दो दिनों में आयोजित करने के फैसले पर छात्रों का विरोध बढ़ गया है। 11नवंबर को दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए और इस फैसले का विरोध किया। उनका कहना है कि परीक्षा एक ही दिन और एक शिफ्ट में आयोजित की जानी चाहिए, ताकि सभी उम्मीदवारों को समान अवसर मिल सके।

यूपीपीएससी के गेट नंबर-2पर अभ्यर्थियों ने अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि जब तक आयोग इस फैसले को वापस नहीं लेता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। छात्र दिल्ली के मुखर्जी नगर और प्रयागराज में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी छात्रों ने अपनी आवाज उठाई है। मनीश यादव जैसे ट्विटर यूजर्स ने लिखा, “मुखर्जी नगर से प्रयागराज तक छात्र धरना दे रहे हैं, सरकार कब इनका दर्द समझेगी?”

अखिलेश यादव ने किया छात्रों का समर्थन

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी पार्टी अभ्यर्थियों की “वैध मांग” के साथ खड़ी है। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह भर्ती प्रक्रिया में छलावा कर रही है। अखिलेश यादव ने कहा, “अब छात्र यूपी पीसीएस और RO-AROपरीक्षा में दो शिफ्ट की साजिश को समझ गए हैं, इसीलिए वे विरोध कर रहे हैं। हम उनकी आवाज़ में अपनी आवाज़ मिलाकर खड़े हैं।”

कोचिंग संस्थान नहीं कर रहे समर्थन

प्रयागराज और आयोग प्रशासन ने विरोध को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी है। आयोग के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है। छात्रों का कहना है कि कोचिंग संस्थान उनके विरोध का समर्थन नहीं कर रहे हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर छात्रों की एकजुटता और विरोध साफ दिखाई दे रहा है। वे एक ही दिन में परीक्षा आयोजित करने की अपनी मांग पर अड़े हैं।

यह आंदोलन अब केवल एक परीक्षा के आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि छात्रों के अधिकार और न्याय की एक बड़ी लड़ाई बन चुका है। अब सभी की नजरें प्रशासन और सरकार की प्रतिक्रिया पर हैं।

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