बालौर की अधिग्रहित जमीन की फर्जी रिलीज एनओसी जारी कर साढ़े तीन करोड़ ठगे, भूमि अर्जन अधिकारी समेत 18 पर केस दर्ज

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April 14, 2026

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बालौर की अधिग्रहित जमीन की फर्जी रिलीज एनओसी जारी कर साढ़े तीन करोड़ ठगे, भूमि अर्जन अधिकारी समेत 18 पर केस दर्ज

बहादुरगढ़, हरियाणा/सिद्धार्थ राव/- हरियाणा शहरी प्राधिकरण (एचएसवीपी) अधिग्रहित जमीन को रिलीज करने का झांसा देकर बहादुरगढ़ रे के जटवाड़ा मोहल्ला आठ बिसवां निवासी एक व्यक्ति से साढ़े तीन करोड़ रुपये ठगने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित की मौत हो चुकी है। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रोहतक एचएसवीपी के या भूमि अर्जन अधिकारी राजकुमार भौरिया व तीन पटवारियों समेत 18 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है।

पीड़ित की मृत्यु के बाद अब इस मामले में उसकी पत्नी शिकायतकर्ता के तौर पर पैरवी कर रही हैं। बता दें कि हरबीर राठी ने जुलाई 2021 में एक शिकायत पुलिस को दी थी। जिस पर पुलिस की ओर से जांच की जा रही थी। शिकायत में हरबीर का आरोप था कि वर्ष 2019 को एक दिन जटवाड़ा मोहल्ला निवासी महिपाल राठी उसके पास आया था और कई करोड़ रुपये का मुनाफा कराने की बात कहने लगा। वह मुझे व मेरे साथी बालौर निवासी जिले सिंह को चंडीगढ़ ले गया और वहां पर नरेश पटवारी से मुलाकात कराई। उन्होंने बताया कि वे उनकी बालौर गांव स्थित जो जमीन एचएसवीपी की ओर से अधिग्रहित हो चुकी है, उसे रिलीज करवा देंगे। रोहतक के एचएसवीपी में कार्यरत भूमि अर्जन अधिकारी राजकुमार भौरिया भी उनके साथ हैं।
इसके लिए पैसों का इंतजाम करने की बात की गई। उसकी बातों में आकर उसने अलग-अलग बैंक खातों से ट्रांजेक्शन व नकद लेन-देन से करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये उन्हें दे दिए। बाद में भूमि अर्जन अधिकारी रोहतक ने डायरी नंबर 6743 दिनांक 4 जून 2019 के तहत उनकी भूमि की रिलीज एनओसी जारी कर दी। इसके बाद प्रलेख संख्या 5674 के तहत 3 अक्टूबर 2019 को तहसीलदार कार्यालय में पंजीकृत करवा दिया गया। बाद में एक फरवरी 2021 को पत्र क्रमांक 265 के तहत इस जमीन को वापस हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के नाम पर करवा दिया गया। करीब सात कनाल 12 मरले यह जमीन है। इसके बारे में जांच की तो पता चला कि उसे फर्जी रिलीज एनओसी जारी करके करोड़ों रुपये ठगी की गई है।

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