नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/ – प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत कुल 51 करोड़ से ज्यादा बैंक खातों में से 10 करोड़ से ज्यादा अकाउंट इनएक्टिव हो चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत कुल 51 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट में से 10 करोड़ से ज्यादा अकाउंट इनएक्टिव हो चुके हैं। इसमें से करीब पांच करोड बैंक अकाउंट महिलाओं के नाम से हैं, जो निष्क्रिय हो चुके हैं। इनॉपरेटिव हुए अकाउंट्स में कुल 12,779 करोड़ रुपये जमा हैं। पिछले दिनों वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड ने राज्यसभा में पीएम जनधन योजना के तहत एक सवाल के जवाब में इसकी जानकारी दी थी। भागवत कराड ने कहा कि निष्क्रिय पीएमजेडीवाई खातों का प्रतिशत बैंकिंग क्षेत्र में कुल निष्क्रिय खातों के प्रतिशत के समान है। कराड ने आगे कहा कि कुल 103.4 मिलियन इनॉपरेटिव पीएमजेडीवाई खातों में से 49.3 करोड़ खाते महिलाओं के हैं। इनॉपरेटिव पीएमजेडीवाई खातों में डिपॉजिट कुल जमा का लगभग 6.12 फीसदी है।
क्यों बैंक अकाउंट हुए इनॉपरेटिव?
राज्य मंत्री का कहना है कि खाते के इनॉपरेटिव होने के कई कारण हैं. इसका बैंक अकाउंट होल्डर्स से कोई सीधा संबंध नहीं है। कई महीने से अकाउंट से ट्रांजेक्शन नहीं करने के कारण भी यह खाता इनॉपरेटिव हो चुका होगा। भारतीय रिज़र्व बैंक के दिशानिर्देशों के अनुसार, अगर बैंक खाते में दो साल से अधिक समय तक कोई ग्राहक प्रेरित नहीं होता है, तो बचत और चालू खाते को निष्क्रिय माना जाता है। कराड ने कहा कि बैंक निष्क्रिय खातों के प्रतिशत को कम करने के लिए ठोस प्रयास कर रहे हैं और सरकार द्वारा नियमित रूप से निगरानी की जा रही है।


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