ईरान में फिर सरकार विरोधी प्रदर्शन, 11 की मौत

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September 7, 2026

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ईरान में फिर सरकार विरोधी प्रदर्शन, 11 की मौत

-फायर फेस्टिवल पर प्रोटेस्ट में 3500 लोग घायल, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर फेंके छोटे बम

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/तेहरान/शिव कुमार यादव/- ईरान में फायर फेस्टिवल (चहारशंबे सूरी) के दौरान प्रोटेस्ट में 11 लोगों की मौत हो गई और करीब 3,550 लोग घायल हुए हैं। फारसी न्यू ईयर से पहले होने वाले इस फेस्टिवल के दौरान ईरान में एक बार फिर सरकार विरोधी प्रदर्शन हुए। 20 फरवरी से चल रहे इस प्रदर्शन में अब तक करीब 27 लोग मारे जा चुके हैं। हालांकि सरकार विरोधी प्रदर्शन के चलते पिछले 3 हफ्तों में ईरान में 26 लोगों की मौत हो चुकी है और 4 हजार से ज्यादा घायल हुए हैं।

                   ईरानी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान लोगों ने पुलिस पर पटाखे और घरों में बने छोटे बम फेंके। साथ ही ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई और ईरानी सरकार के विरोध में नारे लगाए गए। चहारशंबे सूरी के मौके पर ईरान की राजधानी तहरान सहित कई शहरों में 3 दिन के लिए प्रदर्शन की घोषणा की गई है।

महसा अमिनी की मौत के बाद से चल रहा प्रदर्शन
ईरान में पिछले साल महसा की मौत के बाद से ही पहले हिजाब विरोधी और फिर सरकार विरोधी आंदोलन जारी हैं। दरअसल, 16 सितंबर 2022 को पुलिस कस्टडी में 22 साल की महसा अमिनी की मौत हो गई थी। 3 दिन पहले ईरान की मॉरेलिटी पुलिस ने महसा को ठीक से हिजाब नहीं पहनने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस दौरान पुलिस ने उससे मारपीट की थी, जिससे महसा कोमा में चली गई थी और फिर उसकी मौत हो गई थी।

अब तक 530 प्रदर्शनकारियों की हत्या हुई
ईरान के ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है। इस दौरान करीब 530 प्रदर्शनकारियों की हत्या हुई है और 20 हजार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं 13 मार्च को ईरान सरकार ने हिजाब और सरकार विरोधी प्रदर्शनों में हिस्सा लेने वाले 22 हजार आरोपियों की रिहाई का फैसला किया था। ईरान के ज्यूडिशियरी चीफ ने इसकी घोषणा की थी।

छात्राओं को पढ़ाई से रोकने के लिए दिया जा रहा था जहर
इससे पहले फरवरी के अंत में ईरान में छात्राओं को पढ़ने से रोकने के लिए जहर दिए जाने का मामला सामने आया था। इस बात का खुलासा डिप्टी हेल्थ मिनिस्टर यूनुस पनाही ने किया था। उन्होंने कहा था- घोम शहर में नवंबर 2022 के बाद से रेस्पिरेटरी पॉइजनिंग के सैंकड़ों मामले सामने आए। स्कूलों में पानी को दूषित किया जा रहा है जिससे छात्राओं को सांस लेने में दिक्कत आ रही है।

क्या है ईरान का फायर फेस्टिवल?
ईरानी के इस फेस्टवल को चहारशंबे सूरी के नाम से जाना जाता है। ये 21 मार्च को होने वाले फारसी न्यू ईयर से पहले मनाया जाता है। इसमें महिलाएं अपने स्कार्फ को आग में फेंकती हैं। साथ ही लोग बॉनफायर के ऊपर से छलांग लगाते हैं। माना जाता है कि अग्नि पवित्र होती है और इसके ऊपर छलांग लगाने से सारी बुराइयां जल जाती हैं। हालांकि, ईरान के कट्टरपंथी लोग इस फेस्टिवल को इस्लाम के खिलाफ बताते हैं और कई बार सेलिब्रेशन रोकने के लिए पुलिस का सहारा लिया जाता है।

प्रदर्शनकारियों को माफी देगी ईरान सरकारः 22 हजार लोग रिहा होंगे,
-विरोधी बोले- ये दुनिया की आंखों में धूल झोंकने की साजिश
ईरान सरकार ने हिजाब और सरकार विरोधी प्रदर्शनों में हिस्सा लेने वाले 22 हजार आरोपियों की रिहाई का फैसला किया है। ज्यूडिशियरी चीफ के दफ्तर की तरफ से सोमवार को जारी बयान में कहा गया- उन लोगों को रिहा करने का फैसला किया गया है, जिन्हें पिछले दिनों गिरफ्तार किया गया था।

ईरान में हिजाब के खिलाफ प्रदर्शन के 100 दिनः
-पीछे हटने को तैयार नहीं महिलाएं; 5 साल में तीसरी बार प्रदर्शन
ईरान में हिजाब के खिलाफ प्रदर्शन 100 दिन बाद भी जारी हैं। सरकार प्रदर्शनकारियों का दमन कर रही है। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। रविवार को ईरान में कई जगह प्रदर्शन हुए। इसमें महिलाओं ने नारे लगाए- चाहे हमारी जान चली जाए, हम झुकेंगे नहीं। महिलाओं के हौसले के चलते उनके लिए समर्थन बढ़ता जा रहा है।

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