नई दिल्ली/- दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा के सीमावर्ती छोटे शहर अब साइबर अपराधों में दूसरा जामताड़ा बनते जा रहे हैं। ठीक उसी तरह जिस तरह झारखंड के जामताड़ा साइबर ठगी के लिए कुख्यात है। उसी तरह उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा की सीमावर्ती छोटे शहर भी धीरे-धीरे नए जामताड़ा की शक्ल ले रहे हैं। जिसके चलते साइबर फ्रॉड को लेकर आए दिन दूसरे राज्यों की पुलिस राजस्थान, हरियाणा व उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती शहरों में दबिश देती रहती है।
इन तीन राज्यों में राजस्थान का अलवर व भरतपुर, हरियाणा का पलवल और उत्तर प्रदेश का नोएडा और मथुरा देश में साइबर अपराध का नया सेंटर बन गया है। फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर मैसेंजर पर रुपए मांगने का मामला हो या फिर फेसबुक पर दोस्ती कर वीडियो कॉल कर वीडियो रिकॉर्ड कर उसे एडिट कर ब्लैकमेल करने का मामला हो, उसके अपराधी इन्हीं क्षेत्रों से मिल रहे हैं। इसके अलावा लोन दिलाने के नाम पर, बिजली काटने का मैसेज भेजकर और लिंक भेजकर भी ठगी की जा रही है। अब इन इलाकों में भी पूरे राज्य की पुलिस का आना-जाना शुरू हो चुका है।
बिना सिक्यूरिटी की फेसबुक आईडी होती है निशाने पर
फेसबुक पर जिसकी आइडी बिना किसी सिक्यूरिटी की है, उसमें बड़े चेहरे को खोजते हैं। उसके फेसबुक प्रोफाइल का स्क्रीन शॉट लेकर, फोटो व डिटेल्स लेकर फर्जी फेसबुक अकाउंट बना लेते हैं। उस फर्जी फेसबुक आइडी से भी फ्रेंड रिक्वेस्ट उसे ही भेजते हैं, जो उस व्यक्ति के फ्रेंड लिस्ट में होता है। इसके बाद मैसेंजर पर बीमारी का बहाना बनाकर रुपए की डिमांड करने लगते हैं। रुपए भी गूगल पे, फोन पे या पेटीएम से मंगाते हैं और रुपए लौटाने का वादा कर ठगी करते हैं।
न्यूड वीडियो कॉल से करते हैं हनी ट्रैप
साइबर फ्राड के इस धंधे में लड़कियां भी हैं। फेसबुक पर लडक़ों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर पहले दोस्त बनाती हैं और उसके बाद शारीरिक संबंधों के चौट के नाम पर न्यूड वीडियो कॉल भी कर लेती हैं। उस वीडियो को रिकॉर्ड कर ये लड़कियां ब्लैकमेल करती हैं। झारखंड में भी ऐसे दर्जनभर से अधिक मामले सामने आ गए हैं, जिसमें भुक्तभोगी लाखों रुपए गंवा चुका है।
पुलिस ने साइबर फ्रॉड से बचने के लिए जारी किया सुझाव
नोएडा पुलिस के साइबर सेल ने साइबर फ्रॉड से बचने के लिए कुछ सुझाव भी जारी किया है। जैसे फेसबुक पर अनजान के फ्रेंड रिक्वेस्ट को स्वीकार नहीं करें। अपने फेसबुक आइडी को सुरक्षित रखने के लिए प्राइवेसी को ओपेन टू ऑल के बदले सिर्फ फ्रेंड या ऑनली मी का विकल्प दें। अपना जन्मदिन व अन्य जरूरी सूचनाओं को लॉक मोड या ओनली मी मोड में रखें। अपने प्रोफाइल को लॉक भी कर सकते हैं, जिसे केवल आपके फ्रेंड ही देख पाएंगे। ऐसी स्थित में साइबर फ्रॉड आपके फेसबुक आइडी का गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
11 महीने में हुए 7 करोड़ 41 लाख रुपए से अधिक की धोखाधड़ी
नोएडा साइबर थाना इलाके में गत 11 माह (जनवरी से 30 नवम्बर) में 7 करोड़ 41 लाख रुपए से अधिक के साइबर क्राइम के मामले दर्ज हुए है। यहां 5 लाख रुपए से अधिक राशि के ही मामले दर्ज किए जाते हैं। अब तक ऐसे 47 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें से 18 का खुलासा करते हुए 74 लाख 36 हजार 306 रुपए की बरामदगी हुई है।


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