नई दिल्ली/- राजधानी दिल्ली में निजामुद्दीन और शाहीन बाग सहित कई स्थानों पर ’पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) से संबंधित ठिकानों पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की छापेमारी के बाद मंगलवार को 30 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने बताया कि स्पेशल सेल की टीमों ने सोमवार रात करीब 12.30 बजे छापेमारी शुरू की, जो मंगलवार सुबह तक चली।
दिल्ली पुलिस की जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) सुमन नलवा ने पीएफआई के खिलाफ इस संयुक्त कार्रवाई की पुष्टि की और बताया कि 30 से अधिक लोगों को अभी तक हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने बताया कि अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है क्योंकि जांच अभी जारी है। पुलिस के अनुसार, दिल्ली के उत्तर-पूर्वी, मध्य, दक्षिण-पूर्व और रोहिणी जिलों में अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है, जहां छापे मारे गए हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमने कानून और व्यवस्था की स्थिति सुनिश्चित करने और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए जिलों के संबंधित क्षेत्रों में निवारक उपाय किए हैं और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया है। यह एक निवारक उपाय के रूप में है ताकि कोई अप्रिय स्थिति न हो। सूत्रों ने बताया कि शीर्ष अधिकारियों ने जिला प्रमुखों से पीएफआई से जुड़े लोगों की पहचान करने और उनका पता लगाने में विशेष प्रकोष्ठ की टीमों की मदद करने को कहा है।
बता दें कि, असम, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और कर्नाटक में मंगलवार को इसी तरह की छापेमारी में पीएफआई के कई कार्यकर्ताओं तथा नेताओं को गिरफ्तार किया गया या हिरासत में लिया गया है। माना जा रहा है कि, पिछले सप्ताह गिरफ्तार किए गए पीएफआई कार्यकर्ताओं से की गई पूछताछ के आधार पर इन लोगों को हिरासत में लिया गया है।
22 को एनआईए ने देशभर में मारे था छापे
यह कार्रवाई उस समूह के खिलाफ पूरे भारत में इसी तरह की तलाशी के पांच दिन बाद हुई है, जिस पर अक्सर कट्टरपंथी इस्लाम से जुड़े होने का आरोप लगाया जाता है। 22 सितंबर को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के नेतृत्व में बहु-एजेंसी टीमों ने देश में आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन करने के आरोप में 15 राज्यों में पीएफआई के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी के बाद 106 नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। एनआईए पीएफआई से जुड़े 19 मामलों की जांच कर रही है।
पीएफआई की स्थापना 2006 में केरल में की गई थी और वह भारत में हाशिये पर पड़े वर्गों के सशक्तिकरण के लिए नव सामाजिक आंदोलन चलाने का दावा करता है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि पीएफआई कट्टर इस्लाम का प्रचार कर रहा है। इस संगठन की स्थापना केरल में की गई थी और इसका मुख्यालय दिल्ली में है। पीएफआई के खिलाफ राष्ट्रव्यापी कार्रवाई के बाद उसपर देशभर में प्रतिबंध लगने की संभावना है।


More Stories
नजफगढ़ ज़ोन को मिला नया नेतृत्व, जयवीर राणा बने चेयरमैन, सुषमा पवन राठी डिप्टी चेयरमैन!
US-India Trade Deal के विरोध में दिल्ली कूच कर रहे किसानों को बहादुरगढ़ बॉर्डर पर रोका!
”द्वारका पुलिस ने शातिर वाहन चोर को दबोचा, चोरी के तीन दोपहिया वाहन बरामद”
द्वारका पुलिस ने 350 क्वार्टर अवैध शराब के साथ तस्कर को दबोचा!
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में ‘MY भारत’ जिला सलाहकार समिति की पहली बैठक आयोजित!
लेक्स इन फॉरेस्ट ट्रेल रन में बहादुरगढ़ रनर्स ग्रुप का शानदार प्रदर्शन!