सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही का पहली बार सीधा प्रसारण, सीजेआई रमण की सेरेमोनियल बेंच की कार्यवाही दिखाई

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सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही का पहली बार सीधा प्रसारण, सीजेआई रमण की सेरेमोनियल बेंच की कार्यवाही दिखाई

-विदाई समारोह में सीजेआई रमण ने इस बात के लिए जताया अफसोस, दवे के छलके आंसू

नई दिल्ली/- सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई का आज पहली बार सीधा प्रसारण हुआ। सीजेआई एनवी रमण की सेवानिवृत्ति के मौके पर बैठी ’सेरेमोनियल बेंच’ की कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया गया। सीजेआई रमण की विदाई कार्यक्रम में वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे फूट-फूट कर रो पड़े। दवे ने कहा कि सीजेआई रमण ने दृढ़ता के साथ अपना कर्तव्य निभाया। वे जनता के जज रहे। दवे ने कहा कि जस्टिस रमण ने न्यायपालिका, कार्यपालिका व संसद के बीच शक्ति संतुलन बनाए रखा और यह काम उन्होंने दृढ़तापूर्वक किया।

मुश्किल दौर में संतुलन बनाए रखा : सिब्बल
वहीं, वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि जस्टिस रमण को अशांतिकाल में भी संतुलन बनाए रखने के लिए याद किया जाएगा। रमण ने जजों के परिवार का भी ख्याल रखा है। हम बहुत ही अशांत दौर से गुजर रहे हैं। समुद्र में जहाज के लिए चलना मुश्किल है। मुश्किल समय में भी संतुलन बनाए रखने के लिए यह कोर्ट आपको याद रखेगी। आपने यह सुनिश्चित किया है कि इस न्यायालय की गरिमा और अखंडता बनी रहे।

निवर्तमान सीजेआई ने इस बात के लिए जताया अफसोस
अपने पहले विदाई भाषण में निवर्तमान सीजेआई एनवी रमण ने भारी मात्रा में अदालतों में लंबित मामले बड़ी चुनौती हैं। उन्होंने इस बात के लिए अफसोस जताया कि वे मामलों की सूचीबद्धता व सुनवाई के मुद्दों पर बहुत ज्यादा ध्यान नहीं दे सके। सीजेआई ने कहा कि इसका हल निकालने के लिए आधुनिक तकनीकी साधन और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस टूल्स का इस्तेमाल करने की जरूरत है। हमने कोई तरीका विकसित करने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षा व प्रतिस्पर्धात्मकता जैसे कुछ मुद्दों के कारण बहुत ज्यादा कुछ नहीं कर सके।
              प्रधान न्यायाधीश एनवी रमण के कार्यकाल का आज अंतिम दिन है। इस मौके पर सुनवाई कर रही उनकी पीठ की कार्रवाई का सीधा प्रसारण किया गया। विदाई कार्यक्रम में कई जजों और वकीलों ने उनके प्रति सम्मान व भावपूर्ण शब्दों में अपनी बात कही। जस्टिस रमण ने सीजेआई के तौर पर मनोनीत नए चीफ जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस हिमा कोहली के साथ आज पीठ साझा की। पीठ ने प्रतीकात्मक रूप से एक मामले की सुनवाई की।

16 माह के कार्यकाल को बड़े सुधारों के तौर पर याद किया जाएगा
जस्टिस एनवी रमण के कार्यकाल को देश की अदालतों के कामकाज में बड़े सुधारों के लिए भी याद किया जाएगा। अदालतों में जजों के रिक्त पदों को भरने के लिए तो मानो उन्होंने मुहिम छेड़ दी थी। उन्होंने जिला अदालतों और हाई कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाई। लंबित केसों के निपटाने के लिए सिस्टम बनाने के लिए भी उन्होंने प्रयास किए।
             सीजेआई और कॉलेजियम के प्रमुख के रूप में उन्होंने 225 न्यायिक अधिकारियों यानी निचली कोर्ट के न्यायाधीशों और हाई कोर्ट के जजों की नियुक्ति की सिफारिश की। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट में 11 जजों की नियुक्ति की गई। इनमें महिला जज बीवी नागरत्न भी शामिल हैं। जस्टिस रमण ने पिछले साल 24 अप्रैल को 48 वें सीजेआई के रूप में शपथ ली थी। 16 महीने से अधिक के कार्यकाल के बाद वे आज सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

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