नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसानों के आंदोलन को लगभग तीन महीने हो चुके हैं। इतने समय में दिल्ली की सीमाओं पर भले ही किसानों की भीड़ कुछ कम हुई हो लेकिन किसानों द्वारा अलग-अलग राज्यों में बुलाई जा रही महापंचायतों में हजारों किसानों की भीड़ उमड़ रही है। आज जहां राकेश टिकैत आगरा पहुंचेंगे वहीं गौरव टिकैत मुरादनगर पहुंचे हैं।
राकेश टिकैत ने आज कहा कि, सरकार शोध केंद्रों की बात नहीं मानती है इसलिए आने वाले समय में संसद के पास पार्क में कृषि अनुसंधान केंद्र बनाना पड़ेगा। संसदीय समिति बनाएं और वहां कुछ फसलों की खेती करवाएं। जो लाभ-हानि हो समिति देखे और उस आधार पर फसलों के दाम तय करें। किसान नेता ने कहा कि सरकार किसानों को डराने की कोशिश ना करें। हम अपनी योजना को लेकर काम कर रहे है और आगे भी करते रहेंगे। अगर सरकार किसानों की नही सोचती तो देश का हर किसान अपनी सुरक्षा के लिए आंदोलन का हिस्सा बनेगा। उन्होने कहा दिल्ली, यूपी, हरियाणा व पंजाब के बाद अब आंदोलन दूसरे राज्यों की ओर भी रूख कर चुका है और किसान नेता महापंचायतों में जाकर किसानों को आंदोलन में भाग लेने व समर्थन देने का काम कर रहे हैं।


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