हरियाणा/सिमरन मोरया/- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में हाल के न्यायिक फैसलों के अनुसार हरियाणा ग्रुप डी कर्मचारी (भर्ती और सेवा शर्तें) अधिनियम, 2018की दूसरी अनुसूची में संशोधनों को मंजूरी दी गई है।
खास बात यह है कि ग्रुप डी कर्मचारियों के चयन में सामाजिक-आर्थिक मानदंडों के लिए 5प्रतिशत वेटेज का पहले का प्रावधान माननीय सुप्रीम कोर्ट के साथ-साथ माननीय पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने संबंधित मामलों में रद्द कर दिया था। इन फैसलों को देखते हुए और कानूनी निरंतरता सुनिश्चित करने और भविष्य में मुकदमों से बचने के लिए अधिनियम की दूसरी अनुसूची में संशोधन करना आवश्यक हो गया था।
तदनुसार, कैबिनेट ने अधिनियम की धारा 26के तहत मौजूदा दूसरी अनुसूची को बदलने की मंजूरी दी। संशोधित मानदंड अब यह बताता है कि ग्रुप डी पदों (उन पदों को छोड़कर जहां न्यूनतम योग्यता मैट्रिक से कम है) पर चयन पूरी तरह से कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) पर आधारित होगा, जिसमें सीईटी अंकों को 100प्रतिशत वेटेज दिया जाएगा।
संशोधित अनुसूची में यह भी बताया गया है कि ग्रुप डी पदों के लिए सीईटी सिलेबस में दो घटक होंगे। इनमें एक , सामान्य जागरूकता, तर्क, कवांटिटेटिवे एबिलिटी, अंग्रेजी, हिंदी और संबंधित विषयों को 75प्रतिशत वेटेज, और दूसरा हरियाणा से संबंधित विषयों जैसे इतिहास, करंट अफेयर्स, साहित्य, भूगोल, पर्यावरण और संस्कृति को 25प्रतिशत वेटेज दी जाएगी। प्रश्न पत्र मैट्रिक स्तर के मानक का ही रहेगा।
उन उम्मीदवारों के लिए जिन्होंने 12 जनवरी, 2024 को ग्रुप डी पदों की सीईटी लिखित परीक्षा पहले ही पास कर ली है, जो 11 जनवरी, 2027 तक वैध है, और जो उम्मीदवार निकट भविष्य में पास करेंगे, पिछले उम्मीदवारों द्वारा 95 अधिकतम अंकों में से प्राप्त अंकों को सीईटी पास उम्मीदवारों की संयुक्त मेरिट सूची के उद्देश्य से प्रतिशत में बदला जाएगा।


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