नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- राजधानी दिल्ली के सिविक सेंटर स्थित एमसीडी मुख्यालय के बाहर शुक्रवार को सफाई कर्मचारियों का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला, जहां सैकड़ों की संख्या में जुटे कर्मियों ने निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं को प्रशासन के सामने रखते आ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। मजबूरी में उन्हें सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ रहा है।


प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें समय पर वेतन नहीं दिया जाता, जिससे उनके परिवार के भरण-पोषण में भारी दिक्कतें आती हैं। इसके अलावा कई कर्मचारी वर्षों से अस्थायी रूप से काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक स्थायी नहीं किया गया है। कर्मचारियों की मांग है कि ऐसे सभी कर्मियों को जल्द से जल्द पक्का किया जाए, ताकि उन्हें नौकरी की सुरक्षा मिल सके और उनका भविष्य सुरक्षित हो।

इस दौरान ठेकेदारी प्रथा को लेकर भी कर्मचारियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के चलते उन्हें उचित वेतन, सुविधाएं और अधिकार नहीं मिल पाते, जिससे उनका शोषण होता है। कर्मचारियों ने साफ शब्दों में मांग रखी कि ठेकेदारी सिस्टम को खत्म कर सीधे भर्ती की व्यवस्था लागू की जाए।

सफाई कर्मियों ने यह भी कहा कि वे रोजाना जोखिम भरे माहौल में काम करते हैं, ऐसे में उनके लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और बीमा व्यवस्था बेहद जरूरी है। प्रदर्शन के दौरान यूनियन नेताओं और कर्मचारियों ने अपने विचार रखते हुए कहा कि यह आंदोलन केवल विरोध नहीं, बल्कि अपने हक की लड़ाई है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।


More Stories
दिल्ली में सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम, 300 नई पुलिस चौकियों का प्लान
बुराड़ी में रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला, आरोपी पिता गिरफ्तार
बहादुरगढ़ में फिटनेस का जश्न, प्रमो रन में उमड़ा जोश और उत्साह
ऋषिकेश योग महोत्सव का भव्य समापन
सुल्तानपुर में पुलिस अधीक्षक की अहम बैठक
नैनीताल बार एसोसिएशन के नए पदाधिकारियों ने ली शपथ