सावधान वैक्सीन के बाद भी फिर संक्रमित कर सकता है कोविड का घातक डेल्टा वेरिएंट

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
April 12, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

सावधान वैक्सीन के बाद भी फिर संक्रमित कर सकता है कोविड का घातक डेल्टा वेरिएंट

-वैक्सीन लगवाकर बेफिक्र घूम रहे लोगों को सावधान रहने की हिदायत

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- देश में पिछले डेढ़ साल से कोरोना वायरस का कहर जारी है। यह वायरस अब तक करोड़ों लोगों को अपनी चपेट में ले चुका है और लाखों की जिंदगियां निगल चुका है। जिससे बचने के लिए अब लोग वैक्सीन की तरफ रूख कर रहे है। लेकिन अगर आप कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद बेफिक्र घूम रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। लेकिन कोरोना का डेल्टा वैरिएंट टीकाकरण करा चुके लोगों को भी अपनी चपेट में ले रहा है। हाल ही में एक अध्ययन में इसका खुलासा हुआ।
                       स्वदेशी कोविड वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिलने के बाद से ही सवाल उठ रहे हैं कि क्या कोविड टीका लगवाने के बाद संक्रमण नहीं होगा? वहीं अब नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने हाल ही एक शोध में दावा किया है कि कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद संक्रमित नहीं होंगे, इसकी कोई गारंटी नहीं है। वैक्सीन केवल यह सुनिश्चित करती है कि संक्रमण का असर गंभीर नहीं होगा।
                        एम्स ने अपने इस अध्ययन में टीकाकरण के बाद कोरोना संक्रमित हुए 63 लोगों को शामिल किया था। इनमें से 36 को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी थीं और 27 को केवल एक डोज लगी थी। इन सभी में भारत में पहचान हुए कोरोना के नए वैरिएंट डेल्टा की पुष्टि हुई। हालांकि, अच्छी खबर यह है कि इसकी रोकथाम में भारत बायोटेक की कोवैक्सीन असरदार बताई जा रही है। हाल ही में हुए शोध में खुलासा हुआ है कि कोवैक्सीन कोविड के खतरनाक वैरिएंट बीटा और डेल्टा वैरिएंट से सुरक्षा प्रदान करती है।
                       कोवैक्सीन की न्यूट्रलाइजेशन क्षमता का मूल्यांकन करने के लिए किए गए शोध में शोधकर्ताओं ने पाया कि बीटा और डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ न्यूट्रलाइजेशन टाइटर्स यानी एंटीबॉडी को बेअसर करने की एकाग्रता में तीन गुना कमी पाई गई थी। इससे साफ जाहिर है कि कोवैक्सीन बीटा और डेल्टा वैरिएंटस के खिलाफ एंटीबॉडी बनाती है। बता दें कि कोविड-19 का खतरनाक डेल्टा वैरिएंट के मामले भारत में आए थे, जबकि जबकि बीटा वैरिएंट (ठ.1.351) की खोज पहली बार दक्षिण अफ्रीका में हुई थी। शोध में मालूम चला है कि इन दोनों वैरियंट के खिलाफ कोवैक्सीन प्रभावी है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox