बहादुरगढ़/- वैसे तो बहादुरगढ़ रनर्स ग्रुप दौड़ व फिटनेस के क्षेत्र में अपना लौहा मनवाता ही रहा है। लेकिन पिछले कुछ अरसे से बीआजी ग्रुप स्वास्थ्य व पर्यावरण को लेकर भी काफी सक्रिय रहा है। इतना ही नही देश के जवानों की हौंसला अफजाई में भी अब बीआरजी ग्रुप आगे बढ़कर अपना योगदान दे रहा है। विजय दिवस पर सैनिकों के सम्मान में युवाओं को देश के रक्षा बलों द्वारा किए गए अत्यधिक बलिदानों से अवगत कराने के लिए बीआरजी ग्रुप के धावकों ने न केवल दौड़ लगाई बल्कि सैनिकों के बलिदानों की शौर्य गाथा से भी लोगों को अवगत कराया।
भारत की यशस्वी सेनाओं की अनेकों विजय गाथाएँ प्रसिद्ध हैं, परंतु 16 दिसम्बर 1971 को पाकिस्तान को तोड़कर बांग्लादेश का निर्माण समकालीन विश्व सैन्य इतिहास की अविस्मरणीय घटना है। 93000 पाकिस्तानी सैनिकों के घुटने टेककर आत्मसमर्पण करवाना असाधारण विजय का प्रतीक रही है।
अपने वीर सैनिकों के अदम्य शौर्य, अकाट्य साहस एवं अद्भुत रणनीति का स्मरण व सम्मान करते हुए हम सभी बहादुरगढ वासी और बहादुरगढ रनर्स ग्रुप के सदस्य इस विजय-रन में अपनी सहभागिता कर एक कीर्तिमान स्थापित किया।
सोल्जरथॉन रन 18 दिसंबर को पुरे भारत मे हर शहर मे कराई गई। जिसमे सभी ने अपने अपने शहर मे वर्चुअल दौड लगाई। फिटिस्तान के वीएसएम, मेजर सुरेंद्र पूनिया, भारत की अखंडता, एकता, संप्रभुता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए हर दिन निस्वार्थ भाव से काम करने वाले सैनिकों के लिए जनता में गर्व की भावना जगाने के मिशन पर हैं। उन्हें उम्मीद है कि इस खास दिन पर सोल्जरथॉन के माध्यम से लोग न केवल बहादुरों के बलिदान का सम्मान करेंगे बल्कि उनके स्वास्थ्य पर भी जोर देंगे।
फिटिस्तान- एक फिट भारत ने विजय रन का आयोजन बीते रविवार को किया गया हमारे बहादुर सैनिकों के बलिदान को स्वीकार करने की एक पहल। जिसमे देश भर से अलग-अलग शहरो मे कैप्टन नियुक्त किए गए।
बहादुरगढ शहर से कपल रनर दीपक छिल्लर और ङा किरण छिल्लर को नियुक्त किया गया।
बी आर जी ग्रुप से प्रदीप दहिया, अवनेश, नरेश कुमार शर्मा, धर्मवीर, दीपक, सैलाब, मुकिम, शैलेश, प्रदीप सांगवान, गुलाब सिह, धर्मवीर सैनी रमेश, कविता, मिली, गायत्री, सुनता, उर्मिला डबास, रामरत्न, आनंद कुमार, शंशी कान्त, एस पी शर्मा, अजय सभी ने वर्चुअल दौड़ लगा कर युवाओं को देश के रक्षा बलिदानों से अवगत कराया।
सोल्जरथॉन एक अनूठी पहल है जो न केवल घायल और शहीद व भारतीय सैनिकों को सम्मानित करने के लिए बनाई गई है, जिन्होंने देश की रक्षा में अपनी जान दी, बल्कि एक रोग मुक्त और फिटर भारत की दिशा में एक आंदोलन भी है। सोल्जरथॉन के प्रत्येक चरण का उद्देश्य न केवल भारत के बहादुरों का सम्मान करना है, बल्कि एक ऐसे माहौल को बढ़ावा देना भी है जहां भारत के लोगों, विशेष रूप से युवाओं को देश के रक्षा बलों द्वारा किए गए अत्यधिक बलिदानों से अवगत कराया।


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