नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/पटना/शिव कुमार यादव/- एक बार फिर बिहार में भाजपा के खिलाफ आरजेडी व जेडीयू में सियासी खिचड़ी पकने लगी है। बिहार में जेडीयू के जातिगत जनगणना के मुद्दे पर भाजपा सहमत नही है लेकिन आरजेडी इस मुद्दे पर जेडीयू के साथ खड़ी दिखाई दे रही है। जिसके चलते तेजस्वी ने नीतिश को खुला ऑफर दे दिया है। जिसकारण अब बिहार में बड़े सियासी भूचाल की पटकथा लिखी जा चुकी है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो आरजेडी अगले सप्ताह इस पटकथा का अनावरण कर देगी और भाजपा-जेडीयू युग समाप्त हो जायेगा और एक बार फिर बिहार में आरजेडी व जेडीयू सरकार बनायेंगे। जिससे भाजपा की आगे आने वाले चुनावों में राह कठिन हो जायेगी। हालांकि यह पटकथा अभी लिखी जा रही है जरूरी नही की बिहार में सियासी भूचाल आये क्योंकि भाजपा व जेडीयू में जातिगत आरक्षण के मुद्दे पर गहन चर्चा जारी है।
यहां बता दें कि जातिगत जनगणना के मुद्दे पर बिहार में एक बार फिर से सियासत गरमा गई है। मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का ऐसा संदेश लेकर मीडिया के सामने आए जिसे सुनकर सब हैरान रह गए। जगदानंद सिंह ने कहा कि जातिगत जनगणना के मुद्दे पर वह सबकुछ भूलकर एक बार फिर नीतीश के साथ सरकार बनाने को तैयार है। उन्होंने कहा कि जेडीयू भाजपा के उन मंत्रियों को हटा दे जो जातिगत जनगणना के मुद्दे पर बात नहीं मान रहे हैं। अगर इसके बाद संकट आता है तो हम ’सबकुछ भूलकर’ तेजस्वी के नेतृत्व में आरजेडी और महागठबंधन साथ देने को तैयार है।
इसके बाद पार्टी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी के संदेश को और साफ करते हुए कहा कि खरमास के बाद(एक सप्ताह के बाद) बिहार में बड़ा सियासी भूचाल आएगा। यह पूछे जाने पर कि क्या आरजेडी एक बार फिर जेडीयू के साथ सरकार बना सकती है? तिवारी ने कहा कि इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं।
जेडीयू के नेता ने आरजेडी नेता के इस एलान पर आभार जताया और कहा कि मैं भी इस बात का समर्थन करता हूं। उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना पर जो लोग इसमें साथ नहीं देंगे, उन्हें जनता सबक सिखाएगी। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि इन मुद्दों पर हम आगे बढ़ेंगे, आगे बढ़ने में किनका साथ मिलता है किनका नहीं मिलना है, यह लोगों को तय करना है। हम इन मुद्दों पर कभी भी समझौता नहीं करने वाले हैं। हम जातिगत जनगणना करवाने पर अडिग हैं।
दरअसल, जातिगत जनगणना के मुद्दे पर केंद्र की तरफ से स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण बिहार भाजपा असमंजस में है और कोई फैसला नहीं ले पा रही है। वहीं एक भाजपा नेता ने कहा कि आरजेडी को बार-बार मुंह की खानी पड़ रही है इसलिए अब इस तरह के हथकंडे अपना रही है। नीतीश कुमार कच्चे नहीं है, वह बहुत सोच समझकर फैसला लेते हैं। कांच की हांडी दुबारा नहीं चढ़ती है।


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