बिहार/सिमरन मोरया/- बिहार में गंगा नदी एक बार फिर अपने रौद्र रूप में है, जिसने कई गांवों को तबाही के कगार पर ला खड़ा किया है। भारी बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण बक्सर से लेकर भागलपुर तक के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति भयावह हो गई है। तेज धार में अब तक कम से कम 30 घर बह चुके हैं, जबकि 22 करोड़ रुपये की लागत से बना इस्माईलपुर-बिंद टोली गंगा तटबंध भी बाढ़ की भेंट चढ़ गया है।
गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर
बक्सर, भोजपुर, सारण, पटना, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, मुंगेर, खगड़िया, कटिहार, भागलपुर और लखीसराय जैसे जिले इस बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। भोजपुर जिले के जवइनिया गांव में गंगा की तेज धार ने भारी तबाही मचाई, जहां 30 से ज्यादा घर नदी में समा गए। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का बहाव इतना तेज है कि गांव के कुछ हिस्से मानचित्र से गायब होने की कगार पर हैं। लोग रात-रात भर जागकर अपने घरों और सामान को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन प्रकृति के आगे उनकी सारी मेहनत नाकाम साबित हो रही है।
सड़क और पुलिया ध्वस्त, अफरा-तफरी का माहौल
गोपालपुर थाना क्षेत्र के सैदपुर दुर्गामंदिर के पास सोमवार सुबह नवनिर्मित सड़क और पुलिया के ध्वस्त होने से पानी का बहाव मंदिर की सीढ़ियों और निर्माणाधीन शिव मंदिर के पास बेहद तेज हो गया। इससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही जल संसाधन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बालू भरी बोरियां डालकर बहाव को नियंत्रित करने की कोशिश की। वहीं, ग्रामीणों ने भी धारा को मोड़ने के लिए कई पेड़ डालकर स्थिति को संभालने का प्रयास किया।


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