मानसी शर्मा /- अफगानिस्तान में एक बार फिर हालात गर्म होते नजर आ रहे हैं। बगराम एयरबेस को लेकर अमेरिका और तालिबान आमने-सामने आ गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया है कि अगर तालिबान बगराम एयरबेस वापस नहीं करता, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ट्रंप ने कहा, “यह एयरबेस अमेरिका ने बनाया था और अमेरिका को वापस मिलेगा।”
तालिबान की सख्त चेतावनी
ट्रंप के बयान पर पलटवार करते हुए तालिबान ने न सिर्फ अमेरिका को चेतावनी दी है, बल्कि पाकिस्तान को भी आगाह किया है कि अगर वह अमेरिका की मदद करता है तो सीधे निशाने पर रहेगा। तालिबान ने कहा है कि बगराम पर कब्जे की किसी भी कोशिश का जवाब युद्ध से दिया जाएगा।
कंधार में हाई-लेवल मीटिंग
मामले की गंभीरता को देखते हुए तालिबान की हाई कमान ने कंधार में एक आपात बैठक बुलाई। इस बंद कमरे की बैठक में सर्वोच्च नेता हिबतुल्लाह अखुंदजादा, सैन्य कमांडर, खुफिया प्रमुख और उलेमा परिषद शामिल थे। इस दौरान ट्रंप के बयान और संभावित अमेरिकी कार्रवाई पर चर्चा हुई।
युद्ध के लिए तैयार: तालिबान
बैठक के बाद तालिबान ने साफ कर दिया कि बगराम एयरबेस किसी भी सूरत में अमेरिका को नहीं सौंपा जाएगा। यदि हमला होता है, तो तालिबान पूरी ताकत से जवाब देगा। साथ ही, यह भी निर्णय लिया गया कि इस मुद्दे पर तालिबान अपने पक्ष को वैश्विक मंच पर भी रखेगा।
अंतरराष्ट्रीय समर्थन की तैयारी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तालिबान अब इस मसले पर ईरान, सऊदी अरब, कतर, रूस, चीन, पाकिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात और भारत को भी जानकारी देगा। इसका उद्देश्य है कि अमेरिका की किसी भी सैन्य कार्रवाई का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध हो सके


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