पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आया हथियारों का जखीरा बरामद, 

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April 11, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

-दिल्ली क्राइम ब्रांच ने ISI समर्थित इंटरनेशनल नेटवर्क का भंडाफोड़ किया

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-   दिल्ली क्राइम ब्रांच ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े एक बड़े अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने ऑपरेशन के दौरान चार तस्करों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से तुर्किये और चीन में निर्मित 10 अत्याधुनिक विदेशी पिस्तौलें तथा 92 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। यह कार्रवाई भारत में सक्रिय गैंगस्टरों और अपराध सिंडिकेट के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।

ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से भारत में पहुंचते थे हथियार
क्राइम ब्रांच के अनुसार यह गिरोह अत्यंत संगठित तरीके से काम करता था। हथियारों की तस्करी के लिए पाकिस्तान से भारत में ड्रोन का इस्तेमाल किया जाता था।
ड्रोन पंजाब सीमा के नजदीक ग्रामीण इलाकों में हथियार गिराते थे, जहां से गिरोह के सदस्य उन्हें इकट्ठा कर आगे सप्लाई कर देते थे।

इसके बाद इन हथियारों को देश के अलग-अलग राज्यों, खासकर दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय अपराधियों तक पहुंचाया जाता था।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान, विदेशी हथियारों की बड़ी खेप जब्त
क्राइम ब्रांच ने जिन चार तस्करों को पकड़ा है, उनके नाम हैं:
अजय
मंदीप
दलविंदर
रोहन

इनमें से दो आरोपी पंजाब के रहने वाले हैं, जिनके जरिए गिरोह की सीमा-पार गतिविधियों का संचालन किया जा रहा था।

बरामद हथियारों में तुर्की और चीन में बने हाई-टेक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल शामिल हैं, जिन्हें भारत में प्रीमियम रेट पर गैंगस्टरों को बेचा जाता था। पुलिस के अनुसार इन हथियारों की क्वालिटी बेहद उन्नत है, जो इस तस्करी रैकेट की अंतरराष्ट्रीय पहुंच को दर्शाती है।

कुख्यात गैंगस्टरों तक सप्लाई की थी योजना
पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ है कि इस गिरोह की योजना भारत के कई नामी अपराधियों और गैंगस्टरों तक हथियार पहुंचाने की थी। इनमें शामिल हैं:

लॉरेंस बिश्नोई गैंग
बमबीहा गैंग
गोगी गैंग
हिमांशु भाऊ गैंग

पुलिस के अनुसार यह नेटवर्क राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ते गैंग युद्ध और उभरते अपराध नेटवर्क के लिए गंभीर खतरा बन चुका था। अगर हथियार सप्लाई हो जाते, तो बड़े अपराधों की संभावना बढ़ सकती थी।

ISI के इशारे पर काम कर रहा था पूरा नेटवर्क
जांच एजेंसियों का दावा है कि तस्करी का यह पूरा तंत्र पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के संरक्षण और निर्देशन में काम कर रहा था।

तस्करों को पहले हथियार पाकिस्तान में उपलब्ध कराए जाते थे, फिर वहां से ड्रोन के माध्यम से भारत-पंजाब बॉर्डर के पास गिराए जाते थे। इसके बाद हथियार पंजाब से दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में भेजे जाते थे।

कितनी खेप आ चुकी है? किन गैंगों को पहुंची?

-जांच जारी
दिल्ली क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने में जुटी है कि:
इस गिरोह ने देश में अब तक कितने हथियार सप्लाई किए?
किन-किन गैंगस्टरों तक ये हथियार पहुंच चुके हैं?
नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है?

इसके लिए पुलिस मोबाइल फोन डेटा, बैंक विवरणों, सोशल मीडिया खातों और विदेशी नंबरों पर हुई बातचीत की गहन जांच कर रही है।

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