नोएडा/- दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने नोएडा एक्सप्रेसवे पर व्यावसायिक परियोजना में निवेश कराने के नाम पर लोगों से करीब 30 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले रियल एस्टेट कंपनी के निदेशक को गिरफ्तार किया है। आरोपी दीप कंवर सिंह वालिया को पुलिस ने चंडीगढ़ से पकड़ा है। इस मामले में एक अन्य डायरेक्टर पहले ही गिरफ्तार हो चुका है। आरोपियों ने करीब 150 से अधिक निवेशकों से परियोजना में निवेश कराकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया था।
पुलिस के मुताबिक आरोपी दीप कंवर सिंह वालिया के पास अमेरिका के न्यू जर्सी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मास्टर डिग्री है। वह यूएसए में काम करता था। भारत आकर अपने सहयोगी निवेशकों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। क्राइम ब्रांच स्पेशल कमिश्नर रविंद्र कुमार यादव ने बताया कि वर्ष 2018 में धोखाधड़ी, ठगी और रुपये की हेराफेरी की शिकायत मिली थी।
पीड़ितों ने कहा था कि 99 दिन में 33 मंजिला व्यवसायिक टावर तैयार करने का दावा किया गया था। झांसे में आकर परियोजना में निवेश कर दिया। कंपनी के लोगों ने बिना निर्माण कार्य किए निवेशकों से पैसे ले लिए। रकम मांगने पर 35 फीसदी राशि को जब्त करने की धमकी दी। आर्थिक अपराध शाखा ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
जांच में धोखाधड़ी की बात का खुलासा हुआ तो पुलिस कंपनी के निदेशकों को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा, लेकिन एक भी आरोपी जांच में शामिल नहीं हुआ। इसके बाद ईओडब्ल्यू ने अदालत से निदेशक दीप कंवर सिंह वालिया के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करवाया। इसके बाद आरोपी को तकनीकी जांच के बाद पांच सितंबर को चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया।


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