नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- नए साल की शुरुआत के साथ ही जम्मू-कश्मीर के यात्रियों को महंगाई का सीधा असर झेलना पड़ेगा। प्रदेश सरकार ने यात्री वाहनों के किराये में 18 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने का फैसला किया है, जो 1 जनवरी से लागू होगा। इस फैसले के बाद बस, मेटाडोर, टैक्सी मैक्सी कैब और ऑटो से सफर करना महंगा हो जाएगा। सरकार और ट्रांसपोर्ट संगठनों के बीच हुई बैठक में किराया बढ़ाने पर सहमति बनी है।
सरकार और ट्रांसपोर्टर्स के बीच बनी सहमति
ऑल जम्मू-कश्मीर ट्रैफिक वेल्फेयर एसोसिएशन और वित्तीय विभाग के अधिकारियों के बीच हुई बैठक के बाद किराये में बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया। बताया गया कि इससे पहले वर्ष 2021 में किराये में 19 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी, जबकि अब करीब पांच साल बाद 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। परिवहन विभाग जल्द ही अधिसूचना जारी करेगा, जिसके बाद स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) नई किराया सूची जारी करेगी।
अंतर-जिला सफर पर बढ़ेगा खर्च
किराये में बढ़ोतरी का असर अंतर-जिला रूटों पर साफ नजर आएगा। जम्मू से कटड़ा तक बस किराया करीब 11 रुपये, कठुआ तक 23 रुपये और श्रीनगर तक सफर करने पर यात्रियों को लगभग 72 रुपये तक अधिक देने होंगे। किश्तवाड़ रूट पर यह बढ़ोतरी 54 रुपये तक हो सकती है। इससे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
जम्मू शहर में हर तीन किलोमीटर पर बढ़ेगा किराया
शहरी रूटों पर भी किराया बढ़ाया गया है। जम्मू शहर में अब हर तीन किलोमीटर पर लगभग दो रुपये अधिक चुकाने होंगे। उदाहरण के तौर पर गोल मार्केट गांधी नगर से बिक्रम चौक तक का किराया अब सात रुपये की जगह नौ रुपये देना पड़ेगा। यही बढ़ी हुई दरें ऑटो और अन्य हल्के यात्री वाहनों पर भी लागू होंगी।
मेटाडोर और लोकल वाहनों पर भी असर
18 प्रतिशत किराया वृद्धि का असर मेटाडोर में सफर करने वालों पर भी पड़ेगा। तीन किलोमीटर तक का किराया अब सात की जगह नौ रुपये होगा। पांच किलोमीटर तक का किराया 12 रुपये से बढ़कर करीब 14 रुपये, 10 किलोमीटर तक 15 से बढ़कर 18 रुपये और 15 किलोमीटर तक 17 से बढ़कर लगभग 20 रुपये हो सकता है। 20 किलोमीटर से अधिक दूरी पर हर अतिरिक्त किलोमीटर के हिसाब से किराया लिया जाएगा, जो रूट के अनुसार तय होगा।
ट्रांसपोर्टर्स ने बताई बढ़ोतरी की वजह
जम्मू-कश्मीर ट्रांसपोर्ट वेल्फेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी मांग 40 प्रतिशत तक किराया बढ़ाने की थी, लेकिन सरकार ने यात्रियों पर अधिक बोझ न डालते हुए 18 प्रतिशत वृद्धि पर सहमति दी। ट्रांसपोर्टर्स का कहना है कि ईंधन की कीमतों, वाहन रखरखाव और अन्य उपकरणों के खर्च में लगातार बढ़ोतरी हुई है, जिससे परिचालन लागत काफी बढ़ गई है।
हर साल किराया संशोधन का आश्वासन
ट्रांसपोर्ट संगठनों ने बताया कि सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि भविष्य में किराये की समीक्षा हर साल की जाएगी, ताकि एक साथ बड़ी बढ़ोतरी न करनी पड़े। परिवहन विभाग के अनुसार, नई दरें 1 जनवरी से पूरे जम्मू-कश्मीर में लागू होंगी और सभी संबंधित श्रेणियों के यात्री वाहनों पर समान रूप से प्रभावी होंगी।
कुल मिलाकर, नए साल की शुरुआत यात्रियों के लिए महंगी साबित होने जा रही है, क्योंकि रोजमर्रा के सफर का खर्च अब पहले से अधिक होगा।


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