मानसी शर्मा/- धनतेरस, जिसे धन त्रयोदशी भी कहा जाता है, दीपावली के पांच दिवसीय महापर्व की शुरुआत का प्रतीक है। यह पर्व आरोग्य, सुख-समृद्धि, परिवार की सुरक्षा और रिश्तों की मजबूती का संदेश लेकर आता है। इस दिन शुभ खरीदारी का विशेष महत्व होता है, खासकर मां लक्ष्मी से जुड़ी वस्तुएं जैसे कौड़ी, कमलगट्टा, धनिया, हल्दी की गांठ, गोमती चक्र, सोना-चांदी और झाड़ू। इसे खरीदारी का दिन माना जाता है, जिससे घर में लक्ष्मी का वास होता है।
झाड़ू और तेल की खरीदारी पर विशेष सावधानी
इस वर्ष धनतेरस 18अक्टूबर को शनिवार के दिन पड़ रहा है, जो शनि ग्रह का दिन है। ज्योतिष के अनुसार शनिवार को झाड़ू और सरसों का तेल खरीदना वर्जित माना गया है। झाड़ू लक्ष्मी का प्रतीक होती है और इसे गलत दिन खरीदने से लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं। वहीं सरसों का तेल शनि का प्रतीक है, और शनिवार को इसका दान करना शुभ होता है, खरीदना नहीं। इसलिए आज इन दो चीजों की खरीदारी न करें, भले ही वे दिवाली की तैयारी में आवश्यक हों।
इन दिनों होती है झाड़ू खरीदने की मनाही
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिवार और मंगलवार को झाड़ू नहीं खरीदनी चाहिए। इन दिनों को शनि और मंगल से जोड़ा गया है, जो कर्म और संघर्ष के प्रतीक हैं। इन ग्रहों की अशुभता से बचने के लिए इन दिनों झाड़ू खरीदने से परहेज करना चाहिए। इसके विपरीत बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को झाड़ू खरीदना अत्यंत शुभ होता है, जिससे घर में सुख-शांति, धन-लाभ और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
शनि प्रदोष व्रत का संयोग और उपाय
इस धनतेरस पर शनि प्रदोष व्रत का दुर्लभ योग भी बन रहा है। ऐसे में शाम के समय शनि देव को दीपक अर्पित करना विशेष फलदायक रहेगा। साथ ही महादेव को दीप अर्पण कर उसमें काले तिल डालें, इससे शनि दोष में राहत मिलती है। यह दिन न केवल धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि स्वास्थ्य लाभ और कर्ज मुक्ति के लिए भी उत्तम माना गया है।


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