दिल्ली के स्कूलों में पढ़ाई के दिनों पर सख्ती: अब प्रिंसिपलों को देना होगा एफिडेविट

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

February 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728  
February 25, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

दिल्ली के स्कूलों में पढ़ाई के दिनों पर सख्ती: अब प्रिंसिपलों को देना होगा एफिडेविट

-मनमानी छुट्टियों पर रोक -तय शैक्षणिक कैलेंडर के तहत पूरे सत्र चलेंगी कक्षाएं

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-   राजधानी के स्कूलों में शैक्षणिक अनुशासन और पढ़ाई की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा निदेशालय ने कड़ा कदम उठाया है। अब दिल्ली के सभी सरकारी, अनुदानित और निजी स्कूलों को नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले लिखित रूप में यह आश्वासन देना अनिवार्य होगा कि वे पूरे वर्ष निर्धारित मानकों के अनुसार नियमित कक्षाएं संचालित करेंगे। इसके तहत स्कूलों के प्रधानाचार्यों से शपथ-पत्र (एफिडेविट) लिया जाएगा, जिससे यह तय किया जा सके कि संस्थान तय संख्या में शिक्षण दिवस पूरे करेंगे और बिना उचित कारण कक्षाएं बाधित नहीं होंगी।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में यह देखा गया है कि कई विद्यालय विभिन्न आयोजनों, अतिरिक्त गतिविधियों और अनियोजित अवकाशों के कारण पढ़ाई के दिनों में कटौती कर देते हैं। इससे पाठ्यक्रम समय पर पूरा नहीं हो पाता और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है। नई व्यवस्था के तहत जवाबदेही सीधे प्रिंसिपलों पर तय की जाएगी, ताकि नियमों की अनदेखी की स्थिति में जिम्मेदारी स्पष्ट हो सके।

निदेशालय ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे सत्र प्रारंभ होने से पहले वार्षिक शैक्षणिक कैलेंडर तैयार करें, जिसमें कार्यदिवस और अवकाशों का स्पष्ट विवरण हो। विभाग का मानना है कि पहले से तय योजना होने से अनावश्यक छुट्टियों और मनमाने निर्णयों पर रोक लगेगी तथा पढ़ाई में निरंतरता बनी रहेगी। आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत 1 अप्रैल 2026 से होगी, जिसके लिए ग्रीष्म, शरद और शीतकालीन अवकाश की तिथियां पहले ही निर्धारित की जा चुकी हैं।

शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि यह पहल स्कूल प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाने और विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन का माहौल उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अभिभावकों ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे बच्चों की पढ़ाई बिना बाधा जारी रहेगी और परिणाम बेहतर होंगे।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox