जीएसटी सुधार: अब सिर्फ दो टैक्स स्लैब, आम जनता को मिलेगी बड़ी राहत

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
March 7, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

जीएसटी सुधार: अब सिर्फ दो टैक्स स्लैब, आम जनता को मिलेगी बड़ी राहत

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को अगली पीढ़ी के GST सुधारों की घोषणा की। इसके तहत टैक्स स्लैब को चार (5%, 12%, 18%, 28%) से घटाकर केवल दो (5% और 18%) कर दिया गया है। यह बड़ा बदलाव 22 सितंबर से लागू होगा। वित्त मंत्री ने बताया कि 99% उत्पाद जो पहले 12% स्लैब में आते थे, अब 5% टैक्स दर पर मिलेंगे। वहीं, 90% वस्तुएं जो पहले 28% स्लैब में थीं, अब 18% टैक्स दर पर उपलब्ध होंगी। इस सुधार से भारतीय अर्थव्यवस्था में करीब 2 लाख करोड़ रुपये की बचत होगी, जो सीधे उपभोक्ताओं के हाथ में पहुंचेगी। कई FMCG कंपनियों ने स्वेच्छा से कीमतें घटाने का आश्वासन दिया है ताकि उपभोक्ताओं को इसका पूरा लाभ मिल सके।

सुधारों का उद्देश्य

नई GST नीति पांच प्रमुख लक्ष्यों पर केंद्रित है—

गरीब और मध्यम वर्ग को राहत देना

मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं को पूरा करना

किसानों को लाभ पहुंचाना

MSME और रोजगार सृजन को बढ़ावा देना

निर्यात क्षमता में वृद्धि करना

वित्त मंत्री ने कहा कि यह सुधार छोटे व्यवसायों और उपभोक्ताओं के लिए गेम-चेंजर साबित होंगे। उन्होंने GST काउंसिल को “सहकारी संघवाद” का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह स्वतंत्रता के बाद का एकमात्र संवैधानिक निकाय है, जो राज्यों और केंद्र के बीच सामंजस्य स्थापित करता है।

जीएसटी की उपलब्धियां और पुरानी सरकार पर निशाना

वित्त मंत्री ने बताया कि 2018 में जहां GST से कुल राजस्व 7.19 लाख करोड़ रुपये था, वहीं 2025 तक यह बढ़कर 22.08 लाख करोड़ रुपये हो गया। करदाताओं की संख्या भी 65 लाख से बढ़कर 1.51 करोड़ हो गई है। उन्होंने UPA सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी 10 साल की सरकार “वन नेशन, वन टैक्स” लागू करने में नाकाम रही और उस दौर में “टैक्स आतंकवाद” का माहौल था। निर्मला सीतारमण ने विश्वास जताया कि नए सुधारों से टैक्स प्रणाली न केवल सरल होगी बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगी।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox