नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- यूपी कांग्रेस में कदावर नेता रहे जितिन प्रसाद के पार्टी छोड़ने पर कांग्रेस में घमासान मच गया है।
जहां पार्टी के कुछ नेता इसे पाटी्र की छवि के लिए घातक बता रहे है वहीं कुछ नेता इसे विश्वासघात कह रहे है। हालांकि कुछ वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी में सुधार की बात को एकबार फिर उठाया है। इस दौरान कपिल सिब्बल ने भी पार्टी हाई कमान को नसीहत देते हुए कहा कि अगर लीडरशिप नही सुनेगी तो फिर कहने को पार्टी में कुछ नही बचेगा। अब कपिल सिब्बल के इस बयान पर भी पार्टी में एक नई बहस छिड़ गई हैं, जिसपर कपिल सिब्बल को कहना पड़ा की उनके जीते जी यह संभव नही है मरने के बाद क्या होगा कह नही सकता। उन्होंने पार्टी लीडरशिप से असंतुष्ट नेताओं की बातों को सुनने की अपील की है। सिब्बल ने कहा, कोई भी कॉरपोरेट ढांचा बिना एक-दूसरे की सुने नहीं चल सकता है और यही राजनीति में भी है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने एक तरह से पार्टी को नसीहत देते हुए कहा कि यदि आप नहीं सुनते हैं तो फिर बुरे दिनों की शुरुआत हो जाती है। इसके साथ ही उन्होंने जितिन प्रसाद पर भी पार्टी छोड़ने को लेकर तीखा हमला बोला। सिब्बल ने कहा, श्जितिन प्रसाद ने जो किया है, मैं उसके खिलाफ नहीं हूं। कुछ ऐसे कारण रहे होंगे, जिन्हें उजागर नहीं किया जा सकता। लेकिन बीजेपी से जुड़ने जैसी बात समझ में नहीं आती। इससे पता चलता है कि हम श्आया राम गया रामश् से आगे बढ़कर प्रसाद पॉलिटिक्स की ओर आगे बढ़ रहे हैं। आपको जहां प्रसाद मिले, वही पार्टी जॉइन कर लो।
कांग्रेस से नाराजगी और खुद के बीजेपी में जाने के सवाल पर कपिल सिब्बल ने कहा कि ऐसा कभी नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, हम सच्चे कांग्रेसी हैं। मैं अपनी जिंदगी में बीजेपी में जाने के बारे में सोच भी नहीं सकता हूं। यहां तक कि मेरा मृत शरीर भी ऐसा नहीं करेगा। ऐसा हो सकता है कि पार्टी लीडरशिप मुझे जाने के लिए कहे तो कांग्रेस छोड़नी पड़ जाए, लेकिन तब भी बीजेपी में नहीं जाऊंगा।श् बता दें कि जितिन प्रसाद के कांग्रेस छोड़ने के बाद से कई नेताओं की प्रतिक्रियाएं आई हैं। कई लीडर्स ने उन्हें बिना जनाधार वाला नेता बताया है। वहीं कई नेताओं ने उन पर विश्वासघात तक का आरोप लगाया है।


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