खतरनाक ड्रग्स की लिस्ट से बाहर होगा गांजा, यूएन ने लिया फैसला, भारत ने भी दी सहमति

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
April 11, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

खतरनाक ड्रग्स की लिस्ट से बाहर होगा गांजा, यूएन ने लिया फैसला, भारत ने भी दी सहमति

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- संयुक्त राष्ट्र के नारकोटिक ड्रग कमीशन ने गांजे को मादक पदार्थों की लिस्ट से हटाने का फैसला लिया है, जिस पर भारत ने भी सहमति जताई है। भारत के अलावा 27 से ज्यादा देशों ने इस पक्ष में अपना वोट दिया है। 1961 के अधिवेशन में गांजे को हेरोइन की तरह शेड्यूल चार के तहत मादक पदार्थों में शामिल किया गया था, लेकिन अब इसे हटाने का फैसला लिया गया है। लेकिन इसके बाद भी अब किसान गांजे की खेती कर सकेंगे या नही इस पर अभी असमंजस ही बना हुआ है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफारिश के बाद गांजे का पुनःवर्गीकरण और सबसे खतरनाक मादक पदार्थों की सूची में से हटाने का फैसला लिया गया है। भले ही भारत ने इसके पक्ष में वोट किया हो लेकिन इसके घरेलू कानून इसके प्रति सख्त ही रहेंगे। वोटिंग के बाद संयुक्त राष्ट्र में एक बयान में कहा कि 1961 के सिंगल कन्वेंशन ऑन नार्कोटिक ड्रग्स के चैथे शेड्यूल में से कैनबिस को हटाने का निर्णय लिया गया है। इस लिस्ट में कैनबिस को बेहद खतरनाक और लत लगाने वाली ड्रग्स जैसे हेरोइन के साथ सूची में शामिल किया गया था। 59 सालों से कैनबिस पर सबसे कड़ी पाबंदियां लगी रहीं, इस वजह से इसका इस्तेमाल मेडिकल जरूरतों के लिए भी बेहद कम किया जाता रहा।
हालांकि भारत के इसके पक्ष में वोट करने से सवाल पैदा होता है क्योंकि इस गैरकानूनी ड्रग के इस्तेमाल पर एनसीबी लगातार बॉलीवुड स्टार पर शिकंजा कस रही है और मुंबई में कई जगहों पर छापेमारी भी चालू है। सरकार की तरफ से पक्ष में वोट करने पर ना ही किसी तरह का कोई बयान आया है और ना ही किसी तरह की व्याख्या की गई है। सूत्रों का कहना है कि भारत के इस फैसले को विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफारिश और मेडिकल इस्तेमाल के तौर पर देखा जा रहा है। इसके अलावा कुछ देश गांजे को आपराधिक श्रेणी से भी हटाने की प्रस्ताव लाए हैं। सूत्रों ने कहा कि सरकार अपना पक्ष बाद में रखेगी।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox