मानसी शर्मा /- आज के समय में कार की सवारी करना कौन नहीं चहता? हर कोई चाहता है कि उसके पार एक कार हो। अभी के समय में तो कंपनियां एक से बढ़कर एक गाड़ियां लॉन्च कर रही है। इस वक्त सीएनजी कार और इलेक्ट्रिक कार का चलन बढ़ गया है। सरकार भी इस तरह की गाड़ी को बढ़ावा दे रही है, ताकी प्रदूषण से बचा जा सके। साथ ही कार चलाते समय हमें अपनी सुरक्षा का भी ध्यान रखना होता है।
बता दें कि, सीएनजी कार और इलेक्ट्रीक कारों में अलग-अलग कारणों से आग लगने का खतरा रहता है। अगर आप भी कार खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो इस बात को जान लीजिए की कार में आग लगने की वजह क्या है?
सीएनजी कार में आग लगने के कारण
गैस लीकेज: सीएनजी गाड़ी में लगे सिलेंडर या फिर पाइप के जरिए गैस लीक हो सकती है। अगर ऐसा हुआ और गलती से कहीं स्पार्क हुआ तो गाड़ी में आग लग सकती है।
गलत इंस्टॉलेशन: कुछ लोग नई कार खरीदते वक्त पैसे बचाने के चक्कर में लोकल मार्केट से सीएनजी किट लगवा लेते हैं, लेकिन अगर किट को सही ढंग से नहीं लगाया गया तो कार में आग सकती है।
मेंटेनेंस की कमी: कार की सर्विसिंग समय से करवाना जरूरी है। साथ ही कारों की हाइड्रो टेस्टिंग हर तीन साल पर जरुर करना चाहिए। इस टेस्ट के जरीए पता चलता है कि गाड़ी की सिलेंडर साफ है की नहीं। वहीं, अगर आप इस टेस्ट को नहीं करवाते हैं, तो आग लगने का खतरा रहता है।
इलेक्ट्रिक कारों में आग लगने की वजह
इलेक्ट्रिक कारों में लिथियम-आयन बैटरी का इस्तेमाल होता है। ऐसे में अगर बैटरी में किसी भी की खराबी आई या फिर ओवरहीट हुई, तो शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग सकती है।
इलेक्ट्रिक कारों में आग लगने का दूसरा कारण है, इलेक्ट्रिक व्हीकल के चार्जर या फिर चार्जिंग पोर्ट में किसी तरह की कोई खराबी होना। बता दें कि, इस वजह से भी आग लग सकती है।


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